सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस (Prince Sultan Air Base) पर 27 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया गया। इस हमले में अमेरिकी वायु सेना का एक मुख्य निगरानी विमान E-3 Sentry पूरी तरह से नष्ट हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में 10 से 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से कम से कम दो की हालत गंभीर है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।

🚨: Kuwait Foreign Minister Meeting: कुवैत में बढ़ते तनाव पर यूरोपीय संघ के साथ बड़ी बैठक, क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर हुई चर्चा

इस हमले में अमेरिका को कितना बड़ा नुकसान हुआ है?

ईरान के इस सटीक हमले में अमेरिकी वायु सेना को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है। सैटेलाइट इमेज और आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, निगरानी और रडार के काम आने वाला E-3 Sentry (AWACS) विमान जलकर पूरी तरह राख हो गया है। इसके अलावा हवा में ईंधन भरने वाले कई KC-135 Stratotanker विमानों को भी काफी नुकसान पहुँचा है। सऊदी अरब और यूएई के रक्षा मंत्रालयों ने भी मिसाइल अलर्ट जारी किया था और रियाद की ओर आती एक मिसाइल को बीच में ही रोक दिया गया था।

हमले के पीछे की मुख्य वजह और ताजा स्थिति क्या है?

यह हमला ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान के शुरू होने के बाद से अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। हमले को लेकर एक बड़ा दावा यह भी किया जा रहा है कि रूस ने ईरान के साथ खुफिया जानकारी साझा की थी। हालांकि अमेरिका ने पहले दावा किया था कि उसने ईरान की हमला करने की क्षमता को काफी हद तक कम कर दिया है, लेकिन इस ताजा हमले ने रक्षा विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है।

हमले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां

हमले की तारीख 27 मार्च 2026
नष्ट हुआ मुख्य विमान E-3 Sentry (AWACS)
नुकसान झेलने वाले विमान KC-135 Stratotanker
घायल सैनिकों की संख्या 10 से 15 अमेरिकी सैनिक
हमले का तरीका बैलिस्टिक मिसाइल और सुसाइड ड्रोन
हमले का स्थान प्रिंस सुल्तान एयर बेस, सऊदी अरब