Saudi Arabia Producer Price Index: सऊदी अरब में महंगाई को लेकर आया नया डेटा, जून 2026 में 8.5 प्रतिशत बढ़ा प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स.

Praggya Singh sabal13 August 20262 min read69 viewsSaudi
Saudi Arabia Producer Price Index: सऊदी अरब में महंगाई को लेकर आया नया डेटा, जून 2026 में 8.5 प्रतिशत बढ़ा प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स.

सऊदी अरब से एक बड़ी आर्थिक खबर सामने आई है जहाँ देश के General Authority for Statistics (GASTAT) ने जून 2026 के आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक सऊदी अरब का Producer Price Index (PPI) यानी उत्पादक मूल्य सूचकांक साल-दर-साल आधार पर 8.5 प्रतिशत बढ़ गया है। इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई तेजी है जिसके दामों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। आम आदमी और बाजार पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है क्योंकि उत्पादन लागत बढ़ने से बाजार में सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ता है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार जून 2026 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कीमतों में सीधे 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस सेक्टर के भीतर कई ऐसी चीजें हैं जिनके दाम बहुत ज्यादा बढ़े हैं। उदाहरण के लिए केमिकल प्रोडक्ट्स के सेक्टर में 14.4 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा पहनने वाले कपड़ों यानी wearing apparel के दाम 14.3 प्रतिशत तक महंगे हुए हैं। रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में भी 13.2 प्रतिशत का बड़ा उछाल आया है जो अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

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अन्य सेक्टरों का हाल और धातु के दाम

सऊदी अरब में केवल केमिकल और पेट्रोल ही नहीं बल्कि अन्य जरूरी चीजों के उत्पादन की लागत भी ऊपर गई है। बेसिक मेटल्स यानी बुनियादी धातुओं के सेक्टर में सालाना आधार पर 8.4 प्रतिशत की तेजी आई है। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों यानी फूड प्रोडक्ट्स के दाम भी पीछे नहीं रहे और इनमें 4.6 प्रतिशत की वार्षिक बढ़त रिकॉर्ड की गई है। इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि बाजार में उत्पादन से जुड़े लगभग हर बड़े क्षेत्र में लागत बढ़ रही है जिसका असर अंत में उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है।

पब्लिक यूटिलिटीज और महीने-दर-महीने के आंकड़े

पब्लिक यूटिलिटीज के क्षेत्र में मिला-जुला असर देखने को मिला है। पानी की सप्लाई, सीवरेज और कचरा प्रबंधन यानी waste management से जुड़े खर्चों में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं दूसरी तरफ बिजली, गैस, भाप और एयर-कंडीशनिंग सप्लाई की कीमतें 2.4 प्रतिशत बढ़ी हैं। हालांकि कुछ क्षेत्र ऐसे भी रहे जहां गिरावट दर्ज की गई जैसे कि गढ़े हुए धातु उत्पादों यानी fabricated metal products और अन्य गैर-धातु खनिज उत्पादों का निर्माण सालाना आधार पर सस्ता हुआ है। अगर महीने-दर-महीने की बात करें तो मई 2026 की तुलना में जून 2026 में PPI में 0.6 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई है। यह बढ़त मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग लागत में आए उछाल के कारण हुई है हालांकि इस दौरान केमिकल उत्पादों की कीमतों में थोड़ी गिरावट भी देखने को मिली थी।

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