सऊदी अरब में बिना लाइसेंस के अकाउंटिंग और ऑडिटिंग का काम करने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरकारी एजेंसी SOCPA ने एक पूर्व अकाउंटेंट और दो कंपनियों को कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को सौंप दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब पता चला कि एक पूर्व अकाउंटेंट, जिसका लाइसेंस रद्द हो चुका था, अब भी ऑडिट रिपोर्ट जारी कर रहा था। इसके साथ ही दो कंपनियों ने अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया पर बिना किसी वैध लाइसेंस के अकाउंटिंग सेवाओं के विज्ञापन दिए थे। SOCPA के मुताबिक यह अकाउंटिंग और ऑडिटिंग प्रोफेशन कानून के आर्टिकल 10 का उल्लंघन है, जिसमें जनता को गुमराह करना अपराध माना गया है।
सख्त सजा और भारी जुर्माना
सऊदी अरब ने इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। अगर कोई बिना लाइसेंस के यह काम करता पाया गया तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी। पकड़े जाने पर दोषी को 5 साल तक की जेल हो सकती है और साथ ही 20 लाख रियाल तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कार्रवाई की तारीख | 10 जुलाई 2026 |
| मुख्य एजेंसी | SOCPA |
| अधिकतम जेल | 5 साल |
| अधिकतम जुर्माना | 20 लाख रियाल |
| लागू कानून | आर्टिकल 10 (Accounting and Auditing Profession Law) |
| नया दायरा | जकात और टैक्स एडवाइजरी |
| लाइसेंस अथॉरिटी बदलाव | जनवरी 2026 से SOCPA |
लाइसेंसिंग नियमों में बदलाव
जनवरी 2026 से लाइसेंस देने की पूरी जिम्मेदारी अब SOCPA के पास है, जो पहले कॉमर्स मिनिस्ट्री के पास थी। अब इस संस्था के पास अकाउंटिंग प्रोफेशनल्स की निगरानी और उनके काम की क्वालिटी चेक करने का पूरा अधिकार है।
नए नियमों के तहत अब जकात और टैक्स एडवाइजरी सेवाओं को भी रेगुलेट किया गया है। साथ ही ऑडिटर्स की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी बढ़ा दी गई है। SOCPA ने आम जनता और कंपनियों से अपील की है कि वे किसी भी अकाउंटेंट को काम देने से पहले उसकी लाइसेंसिंग स्थिति को ऑफिशियल वेबसाइट पर जरूर चेक करें और किसी भी अवैध काम की जानकारी तुरंत रिपोर्ट करें।
