यमन में भीषण गर्मी के बीच बिजली की भारी कटौती से आम जनता बेहद परेशान है. इस गंभीर संकट को दूर करने के लिए सऊदी अरब ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है. सऊदी अरब और यमन के बीच 9 जून 2026 को 150 मिलियन डॉलर यानी लगभग 15 करोड़ डॉलर के एक बड़े सहायता समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इस मदद का मुख्य उद्देश्य यमन के सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों में बिजलीघरों को चालू रखने के लिए ईंधन की सप्लाई करना है, ताकि तपती गर्मी में लोगों को बड़ी राहत मिल सके.

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सऊदी अरब और यमन के बीच क्या समझौता हुआ है?

यमन के बिजली और ऊर्जा मंत्रालय और सऊदी डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम फॉर यमन (SDRPY) के बीच यह नया समझौता हुआ है. इसके तहत यमन के बिजली स्टेशनों को चलाने के लिए जरूरी पेट्रोलियम उत्पाद खरीदे जाएंगे. यमन के प्रधानमंत्री डॉ. शाया मोहसिन जिंदाने ने बताया कि इस सहायता पैकेज को लागू करने का काम जमीन पर शुरू हो चुका है. यमन के बिजली मंत्री इंजीनियर अदनान अल-काफ ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके अलावा यमन की स्थानीय तेल कंपनी पेट्रोमसीला (PetroMasila) के साथ भी एक समझौता किया गया है ताकि ईंधन की सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखा जा सके.

बिजली संकट से जूझ रहे लोगों को कैसे मिलेगी राहत?

यमन के अदन शहर में इस समय लोग भीषण गर्मी और रोजाना लगभग 20 घंटे की बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं. बिजली न होने से जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है. यमन के बिजली और ऊर्जा उप मंत्री अब्दुल्ला हेगर ने बताया कि सऊदी अरब की इस मदद से देश के 27 बिजली घरों को चलाने के लिए ईंधन दिया जाएगा. इसके अलावा साल 2026 की शुरुआत में भी 81.2 मिलियन डॉलर की मदद दी गई थी जिससे 70 से ज्यादा बिजली स्टेशनों को डीजल और माजूत सप्लाई किया जा रहा है. यमन के हद्रामौत प्रांत में 100 मेगावाट क्षमता वाले नए बिजली प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है.

क्या पहले भी सऊदी अरब ने यमन को सहायता दी है?

सऊदी अरब लगातार यमन की आर्थिक और बुनियादी ढांचे को सुधारने में मदद करता आ रहा है. सऊदी राजदूत और SDRPY के जनरल सुपरवाइजर मोहम्मद बिन सईद अल जाबेर ने कहा कि यह मदद यमन के लोगों की परेशानियों को कम करने के प्रति सऊदी अरब की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है. SDRPY द्वारा पहले भी यमन को भारी आर्थिक मदद दी गई है:

  • साल 2018: 180 मिलियन डॉलर की ईंधन सहायता
  • साल 2021: 422 मिलियन डॉलर की पेट्रोलियम सहायता
  • साल 2022: 200 मिलियन डॉलर की मदद
  • साल 2026: 81.2 मिलियन डॉलर की ईंधन ग्रांट

हालांकि इन तमाम कोशिशों के बावजूद यमन के कई पावर स्टेशनों को ईंधन की भारी कमी और तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ रहा है. उदाहरण के तौर पर अल-हिसवा बिजलीघर नेटवर्क स्ट्राइक के कारण बंद है और प्रेसिडेंट पावर स्टेशन में भी कच्चे तेल की सप्लाई देरी से होने के कारण उत्पादन घट गया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने यमन के बिजली संकट को दूर करने के लिए कितने डॉलर का समझौता किया है?

सऊदी अरब और यमन के बीच 9 जून 2026 को 150 मिलियन डॉलर (लगभग 15 करोड़ डॉलर) के ईंधन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं ताकि यमन के बिजली स्टेशनों को चालू रखा जा सके.

यमन के अदन शहर में इस समय बिजली की क्या स्थिति है?

यमन के अदन शहर में भीषण गर्मी के बीच लोग रोजाना करीब 20 घंटे की भारी बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं, जिससे वहां जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है.

इस समझौते के तहत यमन के कितने बिजली स्टेशनों को फायदा होगा?

यमन के बिजली और ऊर्जा उप मंत्री अब्दुल्ला हेगर के अनुसार, इस नए सहायता पैकेज से देश के आजाद कराए गए क्षेत्रों में स्थित लगभग 27 बिजली स्टेशनों को सुचारू रूप से चलाने के लिए पेट्रोलियम ईंधन मिलेगा.