सऊदी अरब के पब्लिक पार्कों का अब चेहरा बदलने वाला है। वहां के नगरपालिकाओं और आवास मंत्रालय ने पार्कों में कमर्शियल काम शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इस योजना से अब रिहायशी इलाकों के पार्कों में दुकानें और अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन आसान होगा और निवेश के नए मौके खुलेंगे।
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पार्कों में कमर्शियल काम के लिए नए नियम
सरकार ने इस बदलाव के लिए कुछ सख्त नियम तय किए हैं ताकि पार्कों की खूबसूरती और शांति बनी रहे। मुख्य नियम इस प्रकार हैं:
- पार्क के कुल एरिया का अधिकतम 25 प्रतिशत हिस्सा ही कमर्शियल काम के लिए इस्तेमाल होगा।
- पार्क की पहचान एक पब्लिक फैसिलिटी के रूप में ही रहेगी, उसके मूल उपयोग को नहीं बदला जाएगा।
- कमर्शियल निवेश वाले पार्क कम से कम 15 मीटर चौड़ी सड़क पर होने चाहिए।
- पार्कों में बनने वाली इमारतों की ऊंचाई अधिकतम दो मंजिल तक ही होगी।
- पार्कों के भीतर खुलने वाले कैफे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
पार्क के साइज के हिसाब से मिलेंगी सुविधाएं
पार्क कितना बड़ा है, इसी आधार पर यह तय होगा कि वहां किस तरह की दुकान या सेंटर खुल सकता है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| पार्क का आकार (साइज) | अनुमति वाली सुविधाएं/काम |
|---|---|
| 5,000 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा | जिम, स्पोर्ट्स सेंटर (महिला और पुरुष), एंटरटेनमेंट सेंटर, बच्चों की देखभाल केंद्र और बुजुर्गों के लिए सेंटर। |
| 1,500 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा | ताजे फल और सब्जियों की बिक्री और हाइड्रोपोनिक खेती के काम। |
| 1,200 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा | कैफे, आइसक्रीम पार्लर, जूस और कोल्ड ड्रिंक की दुकानें, और फूलों की दुकानें। |
प्राइवेट कंपनियों के साथ साझेदारी और विकास
मंत्रालय ने बताया कि मई 2026 में पूर्वी प्रांत, जेद्दा और मदीना के 50 पार्कों के रखरखाव और संचालन के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) टेंडर शुरू किए गए हैं। यह प्रोग्राम 15 साल के लिए होगा। सरकार का लक्ष्य 2025 के अंत तक करीब 60 लाख वर्ग मीटर पार्कों को प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर विकसित करना था, जिससे करीब 2.4 अरब रियाल का आर्थिक लाभ होने का अनुमान है। साल 2025 के दौरान 294 नए पार्क बनाए गए और 132 पुराने पार्कों को ठीक किया गया।
अधिकारियों ने क्या कहा
नगरपालिकाओं और आवास मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-रसास्मेह ने बताया कि इस पहल का मकसद सरकारी संपत्तियों का सही इस्तेमाल करना और शहरों में रहने वालों के जीवन स्तर को सुधारना है। उन्होंने कहा कि सरकार पार्कों को आधुनिक मॉडल पर चलाना चाहती है ताकि वहां आने वाले लोगों का अनुभव बेहतर हो और ये सुविधाएं लंबे समय तक टिकी रहें। सरकार चाहती है कि पार्क केवल हरियाली तक सीमित न रहें, बल्कि खेल, संस्कृति और व्यापार का एक मिला-जुला केंद्र बनें।
