सऊदी अरब ने साल 2026 की पहली तिमाही के बजट के आंकड़े जारी किए हैं। इस दौरान सरकार की कमाई में कमी आई है और खर्च काफी बढ़ गया है। इस वजह से बजट में 125.7 अरब सऊदी रियाल का घाटा हुआ है, जो करीब 33.5 अरब डॉलर के बराबर है। यह लगातार 14वीं तिमाही है जब सऊदी अरब के बजट में घाटा दर्ज किया गया है।

सऊदी सरकार का खर्च कितना बढ़ा और कहां हुआ निवेश

सऊदी वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में सरकारी खर्च पिछले साल के मुकाबले 20% बढ़कर 386.7 अरब रियाल तक पहुँच गया। सरकार ने अपना पैसा मुख्य रूप से सब्सिडी, अनुदान और बुनियादी ढाँचे के कामों पर खर्च किया है। यह सारा खर्च सऊदी विजन 2030 के तहत अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया गया है।

खर्च का विवरण कुल राशि (अरब रियाल) बढ़ोतरी (%)
कर्मचारियों का वेतन 151.1 3%
सामान और सेवाएं 98.1 52%
पूंजीगत व्यय (Non-financial assets) 43.4 56%
सब्सिडी 17.5 170%
अनुदान (Grants) 0.956 249%
कुल सरकारी खर्च 386.7 20%

कमाई में गिरावट और बढ़ता हुआ सरकारी कर्ज

पहली तिमाही में कुल कमाई 260.97 अरब रियाल रही, जो पिछले साल से 1% कम है। तेल से होने वाली कमाई 3% घटी और 144.7 अरब रियाल रह गई, जिसका एक कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना बताया गया। हालांकि, गैर-तेल राजस्व में 2% की बढ़ोतरी हुई और यह 116.3 अरब रियाल रहा, जिसमें टैक्स का बड़ा योगदान था।

वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान और नेशनल डेट मैनेजमेंट सेंटर के मुताबिक, बजट घाटे को पूरा करने के लिए सरकार ने कर्ज का रास्ता चुना। इससे साल की शुरुआत में 1.52 ट्रिलियन रियाल रहा सरकारी कर्ज तिमाही के अंत तक बढ़कर 1.67 ट्रिलियन रियाल हो गया। सरकार का मानना है कि रिजर्व फंड से पैसा निकालने के बजाय कर्ज लेना ज्यादा सही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

2026 की पहली तिमाही में सऊदी अरब का बजट घाटा कितना रहा?

सऊदी अरब ने पहली तिमाही में 125.7 अरब सऊदी रियाल (लगभग 33.5 अरब डॉलर) का बजट घाटा दर्ज किया है।

सऊदी सरकार की कमाई में कमी क्यों आई?

तेल से होने वाली कमाई में 3% की गिरावट आई है, जिसका मुख्य कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य का प्रभावी रूप से बंद होना रहा।

बजट घाटे को पूरा करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाया?

सरकार ने बजट घाटे की भरपाई के लिए कर्ज लिया, जिससे कुल सार्वजनिक कर्ज बढ़कर 1.67 ट्रिलियन रियाल हो गया।