सऊदी अरब और कतर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है। जिनेवा में सऊदी प्रतिनिधि Abdulmohsen Majed Bin Khothaila ने कहा कि ये हमले देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सीधा उल्लंघन हैं। 25 मार्च 2026 को सऊदी अरब ने 9 और ड्रोन मार गिराए हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच पाकिस्तान और अन्य देशों ने भी सऊदी अरब का समर्थन किया है और हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ा घटनाक्रम है।

ℹ: COSCO Shipping News: चीन की शिपिंग कंपनी ने मिडिल ईस्ट के लिए फिर शुरू की कार्गो बुकिंग, यूएई और सऊदी अरब सहित इन देशों को फायदा

ईरान के हमलों पर संयुक्त राष्ट्र में क्या हुआ?

जिनेवा में हुई बैठक के दौरान सऊदी और कतर के प्रतिनिधियों ने ईरानी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का उल्लंघन बताया। सऊदी प्रतिनिधि ने साफ किया कि ये हमले न केवल उनकी सीमाओं को निशाना बना रहे हैं बल्कि पूरे GCC क्षेत्र की शांति के लिए खतरा हैं। कतर की प्रतिनिधि Hind Bint Abdul Rahman Al Muftah ने भी कहा कि अब वे इस मुद्दे पर और चुप नहीं रह सकते। उन्होंने बुनियादी ढांचे और पर्यावरण पर होने वाले हमलों पर गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इन हमलों के खिलाफ प्रस्ताव 2817 पारित किया है, जिसमें चीन और रूस ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था।

क्षेत्रीय सुरक्षा और हालिया घटनाक्रम की मुख्य बातें

खाड़ी क्षेत्र में चल रहे इस तनाव का असर वहां काम करने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर भी पड़ सकता है। सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए सऊदी अरब ने अपनी रक्षा प्रणाली को और मजबूत किया है। हालिया घटनाक्रमों की जानकारी नीचे दी गई है:

तारीख प्रमुख घटना
25 मार्च 2026 सऊदी अरब ने 9 ईरानी ड्रोन को मार गिराया।
25 मार्च 2026 Lebanon ने ईरान के राजदूत को देश छोड़ने का आदेश दिया।
19 मार्च 2026 सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि वे सैन्य कार्रवाई का विकल्प चुन सकते हैं।
11 मार्च 2026 UN सुरक्षा परिषद ने ईरान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
04 मार्च 2026 US और Israel ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से फोन पर बात की है। उन्होंने सऊदी अरब के संयम की तारीफ की और हमले रोकने की मांग की है। वहीं, अमेरिका ने रूस के उन प्रयासों को खारिज कर दिया है जो ईरान को बचाने के लिए किए जा रहे थे। खाड़ी के देशों में स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है और कूटनीतिक स्तर पर समाधान निकालने की कोशिशें जारी हैं।