गाजा में दोबारा निर्माण और मानवीय मदद पहुंचाने के लिए Saudi Arabia और Qatar ने बड़े आर्थिक सहयोग का ऐलान किया है। सऊदी अरब के राज्य मंत्री Adel al-Jubeir ने Board of Peace मिशन में 1 अरब डॉलर के योगदान की बात कही है। इसी तरह कतर ने भी गाजा में शांति और स्थिरता के लिए भारी भरकम राशि देने का फैसला लिया है। यह पूरी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाजा के हालातों को सुधारने के लिए शुरू की गई है।

Board of Peace में कौन से देश शामिल हैं और क्या है योजना?

गाजा के पुनर्निर्माण के लिए दुनिया के कई बड़े देश एक मंच पर आए हैं। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य युद्ध प्रभावित इलाकों में फिर से जीवन सामान्य करना और बुनियादी सुविधाएं बहाल करना है।

  • इस बोर्ड में Saudi Arabia, Qatar, Turkiye, Egypt और Israel जैसे देश शामिल किए गए हैं।
  • इस मिशन के लिए अब तक कुल 5 अरब डॉलर की मदद का संकल्प लिया गया है।
  • इसकी पहली आधिकारिक बैठक 20 फरवरी 2026 को Washington में आयोजित की जाएगी।
  • मदद की राशि का मुख्य इस्तेमाल स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के घरों के निर्माण में किया जाएगा।

सुरक्षा और स्थिरता के लिए किन देशों ने दिया है भरोसा?

गाजा में शांति बनाए रखने के लिए केवल पैसा ही नहीं बल्कि सुरक्षा बल भी तैनात किए जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत यहां स्थानीय पुलिस और स्थिरता बल की मदद ली जाएगी ताकि राहत कार्य बिना किसी बाधा के चल सकें।

देश का नाम सहयोग का विवरण
Indonesia 8,000 सैनिकों की तैनाती जून के अंत तक संभव है
Saudi Arabia और Qatar आर्थिक मदद और पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहयोग
Board Members हजारों की संख्या में सुरक्षा कर्मी और तकनीकी स्टाफ

इस बड़े मिशन से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के बीच भी सकारात्मक संदेश गया है। सऊदी अरब और कतर की यह पहल क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे आने वाले समय में गाजा में रहने वाले नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.