सऊदी अरब के मानव संसाधन मंत्रालय ने नौकरी के कॉन्ट्रैक्ट को लेकर नया नियम लागू किया है। अब कंपनियों को अपने ज़्यादातर कॉन्ट्रैक्ट Qiwa प्लेटफॉर्म पर डिजिटल रूप से दर्ज करने होंगे। यह कदम लेबर मार्केट में पारदर्शिता लाने और कर्मचारियों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है।

Qiwa प्लेटफॉर्म पर कॉन्ट्रैक्ट दर्ज करने की नई समय सीमा क्या है?

मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, 30 अप्रैल 2026 से कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने कम से कम 85% कॉन्ट्रैक्ट Qiwa प्लेटफॉर्म पर दर्ज करें। इसके बाद, 30 जून 2026 तक इस सीमा को बढ़ाकर 90% कर दिया जाएगा। मंत्रालय ने सभी कंपनियों को सलाह दी है कि वे अपने पुराने और बिना दस्तावेज़ वाले कॉन्ट्रैक्ट्स की जांच करें और उन्हें जल्द से जल्द डिजिटल करें।

तारीख/अवधि नियम और अपडेट
30 अप्रैल 2026 85% कॉन्ट्रैक्ट का दस्तावेजीकरण अनिवार्य हुआ
30 जून 2026 अनिवार्यता की सीमा 90% तक बढ़ेगी
15 अप्रैल 2026 Nitaqat की गणना केवल डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होगी
2026 की पहली तिमाही Qiwa पर 12 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट दर्ज हुए

प्रवासियों और कंपनियों पर इस फैसले का क्या असर होगा?

यह नियम विशेष रूप से उन प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण है जो सऊदी अरब में काम कर रहे हैं। जब कॉन्ट्रैक्ट डिजिटल रूप से दर्ज होता है, तो कर्मचारी के अधिकारों और वेतन की शर्तों में स्पष्टता रहती है। वहीं कंपनियों के लिए अब compliance का पालन करना ज़रूरी है, क्योंकि नियम न मानने वाली कंपनियों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

  • Nitaqat गणना: अब केवल उन्हीं सऊदी कर्मचारियों को गिना जाएगा जिनके कॉन्ट्रैक्ट Qiwa पर दर्ज हैं।
  • कानूनी सुरक्षा: डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट होने से भविष्य में नियोक्ता और कर्मचारी के बीच विवाद की संभावना कम होगी।
  • डिजिटल बदलाव: Qiwa प्लेटफॉर्म पर अब तक 13 मिलियन से ज़्यादा वर्कर्स और 2 मिलियन से ज़्यादा कंपनियां रजिस्टर्ड हो चुकी हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Qiwa प्लेटफॉर्म पर कॉन्ट्रैक्ट दर्ज करना क्यों ज़रूरी है?

यह लेबर मार्केट में पारदर्शिता लाने और कर्मचारियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए ज़रूरी है। इससे भविष्य में वेतन या काम की शर्तों को लेकर होने वाले विवादों से बचा जा सकता है।

अगर कंपनी कॉन्ट्रैक्ट दर्ज नहीं करती है तो क्या होगा?

नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों को सरकारी सेवाओं के उपयोग में दिक्कत आ सकती है और उनकी compliance रेटिंग पर बुरा असर पड़ सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.