सऊदी अरब अब अपने पड़ोस के देशों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। सरकार ने तुर्की, कतर और कुवैत के साथ रेलवे लिंक बनाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर दिया है। इससे न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि व्यापार में भी बड़ी तेजी आएगी।
तुर्की के साथ रेलवे कनेक्शन और पुराना रास्ता
सऊदी अरब और तुर्की ने जून 2026 में एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत जॉर्डन और सीरिया के रास्ते दोनों देशों को रेल लाइन से जोड़ा जाएगा। सऊदी के परिवहन मंत्री Saleh Al-Jasser और तुर्की के मंत्री Abdulkadir Uraloğlu ने रियाद में इस पर सहमति जताई। इस प्रोजेक्ट को पुराने हिजाज़ रेलवे के पुनरुद्धार के रूप में देखा जा रहा है।
- इस रेलवे लिंक की व्यवहार्यता रिपोर्ट 2026 के अंत तक पूरी हो जाएगी।
- पूरे प्रोजेक्ट को अगले तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- यह रास्ता समुद्री रास्तों के बजाय जमीन के जरिए व्यापार का एक सुरक्षित विकल्प बनेगा।
कतर के लिए हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक ट्रेन
सऊदी कैबिनेट ने फरवरी 2026 में कतर के साथ एक हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक रेलवे लिंक के समझौते को मंजूरी दी। यह ट्रेन रियाद और दोहा के बीच चलेगी और इसकी रफ्तार 300 किमी प्रति घंटे से ज़्यादा होगी। कुल 785 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर अल-होफुफ और दम्माम जैसे बड़े शहरों में स्टॉप होंगे। साथ ही रियाद के किंग सलमान इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दोहा के हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी इससे जोड़ा जाएगा।
कुवैत और सऊदी अरब के बीच रेल लिंक
कुवैत की म्यूनिसिपल काउंसिल ने मई 2026 में सऊदी अरब के साथ रेलवे लिंक के लिए राइट-ऑफ-वे और संगठनात्मक योजना को मंजूरी दी। यह प्रोजेक्ट कुवैत के अल-शादादिया बॉर्डर से शुरू होगा। कुवैत के अंदर इस ट्रैक की लंबाई लगभग 85.8 किलोमीटर होगी, जो कुल 500 किलोमीटर के सऊदी-कुवैत कॉरिडोर का हिस्सा है। इसका निर्माण कार्य 2026 में शुरू होगा और 2028 तक पूरा करने की उम्मीद है।
GCC रेलवे प्रोजेक्ट की बड़ी जानकारी
इन सभी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा GCC रेलवे प्रोजेक्ट है, जिसका मकसद सभी छह खाड़ी देशों को 2,117 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क से जोड़ना है। मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक यह काम 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है और दिसंबर 2030 तक इसे पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा। सऊदी अरब अपने विजन 2030 के तहत अपने नेशनल रेलवे नेटवर्क को 5,300 किलोमीटर से बढ़ाकर 8,000 किलोमीटर से ज़्यादा करना चाहता है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल नेटवर्क लंबाई (GCC) | 2,117 किलोमीटर |
| अनुमानित लागत | 250 बिलियन अमेरिकी डॉलर |
| यात्री क्षमता (2030 तक) | 60 लाख यात्री सालाना |
| माल ढुलाई क्षमता (2030 तक) | 20.1 करोड़ टन सालाना |
| पैसेंजर ट्रेन की रफ्तार | 200 से 300 किमी प्रति घंटा |
| मालगाड़ी की रफ्तार | 80 से 120 किमी प्रति घंटा |