Saudi Arabia Railways (SAR) ने माल ढुलाई के लिए 5 नए लॉजिस्टिक रूट शुरू किए हैं। इस नए सिस्टम से अरब खाड़ी के पोर्ट्स को सऊदी के मध्य और उत्तरी इलाकों से जोड़ा गया है। यह नेटवर्क आगे चलकर लाल सागर के पोर्ट्स और सऊदी के उत्तरी देशों तक जाएगा, जिससे सामान की आवाजाही पहले से बहुत तेज और आसान हो जाएगी।

इन नए रूट्स से व्यापार और पर्यावरण पर क्या असर पड़ेगा?

इस नए सिस्टम में सड़क और रेल दोनों का इस्तेमाल होगा, जिससे सामान पहुंचाने की प्रक्रिया और बेहतर होगी। सऊदी रेलवे के CEO Bashar AlMalik ने बताया कि इस विस्तार से सड़कों पर हजारों ट्रकों की भीड़ कम होगी, जिससे सड़क हादसे घटेंगे और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। यह कदम सऊदी विज़न 2030 का हिस्सा है ताकि सऊदी अरब को दुनिया का एक बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाया जा सके।

कौन से पोर्ट्स और शहर इस नेटवर्क का हिस्सा हैं?

इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए Riyadh Dry Port और कई फ्रेट यार्ड्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित जगहें और पोर्ट्स शामिल हैं:

  • Dammam, Jubail, Ras Al-Khair, Al-Kharj, Hail और Qurayyat के फ्रेट यार्ड्स।
  • King Abdulaziz Port, King Fahd Industrial Port और Jubail Commercial Port।
  • Jeddah Islamic Port सहित लाल सागर के अन्य पोर्ट्स।

इंटरनेशनल कॉरिडोर और सामान की ढुलाई में क्या बदलाव आएगा?

सऊदी ने एक 1,700 किलोमीटर लंबा इंटरनेशनल कॉरिडोर भी तैयार किया है, जो किंग अब्दुलअजीज पोर्ट और जुबैल पोर्ट को जॉर्डन और अन्य उत्तरी देशों से सीधे जोड़ता है। इस रूट की वजह से सामान पहुंचने के समय में लगभग आधी कमी आएगी और एक ट्रेन में 400 से ज्यादा स्टैंडर्ड कंटेनर ले जाए जा सकेंगे। इससे मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल्स और खनिजों की ढुलाई आसान होगी और औद्योगिक केंद्रों का सीधा संपर्क शिपिंग लाइन्स से हो जाएगा।

Sushma Kumari

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