सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने आगामी रमजान 2026 (1447 हिजरी) के लिए मस्जिदों के संचालन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने मस्जिदों के इमाम, मुअज्जिन और कर्मचारियों को 11 सूत्रीय नियमों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है। सऊदी अरब में रमजान का पवित्र महीना 19 फरवरी 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य मस्जिदों में अनुशासन बनाए रखना और नमाजियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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लाउडस्पीकर और चंदे को लेकर क्या है नया आदेश?

मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि पांचों वक्त की नमाज़, तरावीह और कियाम के दौरान बाहरी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। लाउडस्पीकर का उपयोग केवल अज़ान और इकामत के लिए ही सीमित रहेगा, ताकि आसपास के घरों में शांति बनी रहे। इसके अलावा, मस्जिदों के अंदर नकद या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चंदा इकट्ठा करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। चंदा केवल सरकार द्वारा अधिकृत संस्थाएं ही ले सकेंगी, जिसकी सूची बाद में जारी की जाएगी।

इफ्तार और टेंट लगाने पर क्या पाबंदियां हैं?

रमजान के दौरान मस्जिदों में होने वाले इफ्तार को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। इफ्तार का आयोजन मस्जिद के अंदर नहीं, बल्कि केवल मस्जिद के बाहरी आंगन में ही किया जा सकेगा। आयोजकों को इफ्तार के तुरंत बाद सफाई सुनिश्चित करनी होगी। मस्जिद की बाउंड्री के अंदर बिना प्रशासन की अनुमति के कोई भी टेंट या अस्थायी निर्माण करना मना है। सुरक्षा कारणों से मस्जिद की बिजली का कनेक्शन बाहरी टेंटों में देना भी सख्त वर्जित किया गया है, ताकि आग लगने जैसा कोई खतरा न हो।

इमाम और नमाजियों के लिए अन्य महत्वपूर्ण नियम

मंत्रालय ने बाकी नियमों को लेकर भी स्थिति साफ कर दी है, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा:

  • नमाज़ के दौरान इमाम या नमाजियों का वीडियो बनाना और उसे सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारित करना मना है।
  • मस्जिद परिसर के अंदर भीख मांगना सख्त वर्जित है और ऐसा करने वालों की रिपोर्ट सुरक्षाकर्मियों को दी जाएगी।
  • इतिकाफ में बैठने वाले नमाजियों को पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा और विदेशियों को इसके लिए स्पॉन्सर की मंजूरी चाहिए।
  • इमाम और मुअज्जिन को रमजान के दौरान अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा, बिना किसी बड़ी मजबूरी के छुट्टी नहीं मिलेगी।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.