सऊदी अरब में रमजान के पवित्र महीने को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने देश भर में 18,691 मस्जिदों को नमाजियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार करने का काम पूरा कर लिया है। इसके लिए 102 अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें मस्जिदों की साफ-सफाई, मरम्मत और तकनीकी जांच शामिल है। मंत्रालय की टीमें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि रमजान के दौरान लोगों को इबादत में कोई परेशानी न हो, इसके लिए महिलाओं के प्रार्थना क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

नमाज और लाउडस्पीकर के लिए क्या हैं नियम?

मंत्रालय ने मस्जिदों के लिए कुछ सख्त नियम भी जारी किए हैं जिनका पालन करना सभी इमाम और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य होगा। सभी मस्जिदों में नमाज का समय ‘उम्म अल-कुरा’ कैलेंडर के हिसाब से ही तय किया जाएगा। ईशा और फज्र की नमाज के दौरान अजान और इकामा के बीच 15 मिनट का अंतर रखना जरूरी होगा। इसके अलावा, तहज्जुद की नमाज फज्र की अजान से पहले खत्म करनी होगी ताकि नमाजियों को किसी तरह की दिक्कत न हो।

इफ्तार और वीडियो बनाने पर लगी रोक

इस बार रमजान में इफ्तार और चंदे को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी। मस्जिदों के अंदर इफ्तार पार्टी करने की इजाजत नहीं होगी, यह सिर्फ मस्जिद के आंगन या निर्धारित जगहों पर ही किया जा सकेगा। इफ्तार के तुरंत बाद सफाई करना अनिवार्य होगा। इफ्तार प्रोजेक्ट के लिए किसी भी तरह का नकद चंदा इकट्ठा करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, नमाज के दौरान इमाम या नमाजियों का वीडियो बनाने और नमाज का लाइव प्रसारण करने पर भी पाबंदी रहेगी।

एतिकाफ और जरूरी तारीखें

जो लोग रमजान में एतिकाफ (मस्जिद में एकांतवास) करना चाहते हैं, उनके लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। अगर कोई गैर-सऊदी नागरिक एतिकाफ करना चाहता है, तो उसे अपने स्पॉन्सर से मंजूरी लेनी होगी। इस बार रमजान की शुरुआत और ईद को लेकर संभावित तारीखें भी सामने आ गई हैं।

संभावित रमजान शुरू 19 फरवरी 2026 (गुरुवार)
चांद दिखने की तारीख 18 फरवरी की शाम
संभावित ईद अल-फितर 21 मार्च 2026
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.