रमजान के पवित्र महीने में सऊदी अरब के मक्का और मदीना में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सऊदी प्रशासन के नए आंकड़ों के अनुसार, रमजान के पहले 20 दिनों में 9 करोड़ 66 लाख से ज्यादा लोग ग्रैंड मस्जिद (Grand Mosque) और पैगंबर मस्जिद (Prophet’s Mosque) पहुंचे हैं। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए आखरी 10 दिनों के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और सुरक्षा के साथ-साथ कई नए नियम भी सख्ती से लागू किए हैं।

मक्का और मदीना में कितने लोग पहुंचे?

जनरल अथॉरिटी फॉर द केयर एंड मैनेजमेंट के अनुसार, श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सालों के मुकाबले काफी ज्यादा रही। मक्का और मदीना में नमाज़ और उमराह करने वालों का पूरा डेटा इस प्रकार है:

जगह / सुविधा श्रद्धालुओं की संख्या
कुल नमाज़ी और जायरीन 9,66,38,865
ग्रैंड मस्जिद (मक्का) कुल 7,32,00,487
उमराह करने वाले (मक्का) 1,56,05,086
पैगंबर मस्जिद (मदीना) 2,11,43,259
अल-रौदा अल-शरीफा (मदीना) 5,79,191

उमराह और नमाज़ के लिए क्या हैं नए नियम?

भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन ने खास गाइडलाइंस जारी की हैं जिनका पालन करना सभी के लिए जरूरी है। जो भारतीय या प्रवासी सऊदी में हैं, उन्हें इन नियमों का ध्यान रखना चाहिए:

  • सिर्फ एक उमराह: One Ramadan, One Umrah नियम लागू है। एक व्यक्ति इस महीने में सिर्फ एक ही बार उमराह कर सकता है।
  • परमिट जरूरी: मक्का जाने के लिए Nusuk app के जरिए परमिट लेना अनिवार्य है। एंट्री गेट पर QR कोड स्कैन किया जा रहा है।
  • पीक आवर्स से बचें: शाम 4 से रात 10 बजे और सुबह 5 से 8 बजे तक सबसे ज्यादा भीड़ होती है। प्रशासन ने सुबह 8 से दोपहर 3 बजे के बीच आने की सलाह दी है।
  • लाइव ब्रॉडकास्ट पर रोक: नमाज़ के दौरान किसी भी व्यक्ति को लाइव वीडियो बनाने की अनुमति नहीं है।

आखरी 10 दिनों की खास तैयारी

रमजान के आखिरी 10 दिनों के लिए प्रशासन ने अपना नया प्लान एक्टिव कर दिया है। इसके तहत 18,000 से ज्यादा कर्मचारी और 6,000 गाड़ियां तैनात की गई हैं। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए IoT तकनीक वाली डिजिटल स्क्रीन लगाई गई हैं। अगर स्क्रीन पर हरा (Green) रंग है तो इसका मतलब जगह खाली है और लाल (Red) रंग का मतलब है कि वहां जगह फुल हो चुकी है। इसके अलावा, पहले 10 दिनों में ही 95 लाख से ज्यादा इफ्तार पैकेट बांटे जा चुके हैं। जो लोग प्राइवेट गाड़ी से आ रहे हैं, उन्हें सेंट्रल जोन में जाने की मनाही है और उन्हें Haramain रेलवे या शटल बस का इस्तेमाल करने को कहा गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.