सऊदी अरब ने डिजाइनर्स और क्रिएटर्स के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने “रियाद ट्रीटी फॉर द लॉ ऑफ डिजाइन्स” को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से अब नए डिजाइन को सुरक्षित करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सरल हो जाएगा।
सऊदी अथॉरिटी फॉर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (SAIP) के CEO डॉ अब्दुलअज़ीज़ बिन मोहम्मद अल-सुवाइलम ने इस खबर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मंजूरी से सऊदी अरब दुनिया भर में डिजाइन प्रोटेक्शन के नियमों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह कदम क्रिएटर्स को सशक्त बनाने और उनके काम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद करेगा।
यह संधि असल में डिजाइन के रजिस्ट्रेशन के तरीके को आसान बनाने के लिए लाई गई है। अब दुनिया भर में डिजाइनर्स के लिए अपनी मेहनत को सुरक्षित करना सस्ता और तेज़ होगा। इस नियम की सबसे खास बात यह है कि अगर किसी ने अपना डिजाइन पहले ही पब्लिक कर दिया है, तो भी उसे 12 महीने का समय मिलेगा ताकि वह उसे रजिस्टर करा सके और अपना हक बचा सके।
इस संधि को नवंबर 2024 में रियाद में आयोजित एक बड़ी कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनाया गया था। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (WIPO) के तहत 139 देशों ने इसे अपनी मंजूरी दी थी। सऊदी अरब ने इस पूरी प्रक्रिया में बड़ी भूमिका निभाई है, इसीलिए इसका नाम रियाद संधि रखा गया है।
यह पूरा बदलाव सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों के मुताबिक किया गया है। सरकार का मकसद देश में नई तकनीक, इनोवेशन और क्रिएटिव सेक्टर में निवेश को बढ़ाना है, ताकि सऊदी अरब एक नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी बन सके।