सऊदी अरब ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दुनिया का साथ देने का फैसला किया है। 29 अप्रैल 2026 को सऊदी सरकार ने यूनाइटेड नेशंस काउंटर टेररिज्म सेंटर (UNCCT) को अपना पूरा समर्थन जारी रखने की बात कही। सऊदी अरब इस सेंटर का संस्थापक सदस्य है और इसकी सलाहकार बोर्ड की अध्यक्षता भी करता है।

सऊदी अरब ने आतंकवाद रोकने के लिए कितनी वित्तीय मदद दी?

सऊदी अरब इस सेंटर को सबसे ज्यादा पैसा देने वाला देश रहा है। सऊदी ने आतंकवाद के खिलाफ यूएन ट्रस्ट फंड में अब तक 110 मिलियन डॉलर की मदद दी है। इसकी शुरुआत साल 2011 में हुई थी जब सऊदी ने सबसे पहले 10 मिलियन डॉलर दिए थे। इतने बड़े आर्थिक योगदान की वजह से सऊदी अरब इस सेंटर की रणनीतियों और काम करने के तरीकों को तय करने में अहम भूमिका निभाता है।

अधिकारियों ने आतंकवाद पर क्या जानकारी दी?

यूएन में सऊदी अरब के प्रतिनिधि Dr. Abdulaziz bin Mohammed Al-Wasil ने कहा कि आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक सीधा खतरा है, इसलिए सऊदी इसका मुकाबला करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं, UNOCT के कार्यकारी निदेशक Mr. Alexandre Zouev ने सऊदी अरब के लंबे समय से मिल रहे समर्थन की तारीफ की। उन्होंने यात्रियों के डेटा (Passenger Data) के जरिए आतंकवाद रोकने के महत्व पर भी बात की, जिस पर नवंबर 2025 में रियाद में चर्चा हुई थी।

आतंकवाद रोकने के लिए अभी क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

  • 29 अप्रैल 2026 को जिनेवा में यूएन ग्लोबल काउंटर टेररिज्म स्ट्रेटजी की नौवीं समीक्षा के लिए बातचीत चल रही है।
  • यात्रियों की जानकारी जुटाने वाले सिस्टम (API और PNR) के लिए एक क्षेत्रीय वर्किंग ग्रुप बनाया गया है।
  • इस काम में Naif Arab University for Security Sciences (NAUSS) और सऊदी अरब का National Traveler Security Centre (NTSC) अहम भूमिका निभा रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने UNCCT को कितनी आर्थिक मदद दी है?

सऊदी अरब ने यूएन ट्रस्ट फंड फॉर काउंटर टेररिज्म में अब तक कुल 110 मिलियन डॉलर का योगदान दिया है।

आतंकवाद रोकने के लिए यात्रियों के डेटा का क्या उपयोग होगा?

API और PNR सिस्टम के जरिए यात्रियों की जानकारी जुटाकर आतंकवाद को रोकने की कोशिश की जाएगी, जिसके लिए एक क्षेत्रीय वर्किंग ग्रुप बनाया गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.