सऊदी अरब के प्रॉपर्टी मार्केट में इन दिनों बड़ी गिरावट देखी जा रही है। घरों और जमीनों की खरीद-बिक्री में काफी कमी आई है, जिससे निवेशकों और घर खरीदने वालों के बीच हलचल मच गई है। आम लोगों के लिए अब मकान खरीदना और प्रॉपर्टी में निवेश करना पहले जैसा नहीं रहा है।
Akhbar24 Saudi की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में रियल एस्टेट के लेन-देन में 27% की कमी आई है। वहीं, ग्लोबल प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी Knight Frank की रिपोर्ट और भी चौंकाने वाली है। इसके मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में रिहायशी मकानों के सौदों की संख्या साल-दर-साल 50% गिरकर 29,493 रह गई। सबसे बुरा हाल रियाद का रहा, जहाँ रिहायशी सौदों और उनकी कीमत में 82% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।
प्रॉपर्टी मार्केट में गिरावट के आंकड़े
मार्केट की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए नीचे दी गई टेबल देखें:
| विवरण | गिरावट/बदलाव (Q1 2026) |
|---|---|
| रिहायशी सौदों की संख्या | 50% की कमी |
| रिहायशी सौदों की कुल कीमत | 57% की कमी |
| रियाद में रिहायशी सौदे | 82% की कमी |
| प्रॉपर्टी प्राइस इंडेक्स (कुल) | 1.6% की कमी |
| जमीनों की कीमतें | 3.9% की कमी |
| विला की कीमतें | 6.1% की कमी |
| नए होम लोन (Mortgage) कॉन्ट्रैक्ट | 25% की कमी |
क्यों गिर रहे हैं दाम और मांग
विशेषज्ञों का कहना है कि रियाद जैसे शहरों में घरों की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं। साथ ही, होम लोन की मांग कम होने और इलाके में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव की वजह से खरीदार अब बड़े निवेश करने से कतरा रहे हैं। सरकार ने भी खाली पड़ी जमीनों पर टैक्स बढ़ाया है, जिससे मार्केट पर असर पड़ा है।
सरकार के नए नियम और राहत
आम लोगों और प्रवासियों को राहत देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। रियाद में रिहायशी और कमर्शियल किराए में बढ़ोतरी पर पांच साल के लिए रोक (Rent Freeze) लगा दी गई है, ताकि लोगों का खर्च कम हो सके। इसके अलावा, जनवरी 2026 से गैर-सऊदी नागरिकों के लिए प्रॉपर्टी खरीदने के नियम आसान किए गए हैं, जिससे अब विदेशी लोग भी तय इलाकों में घर खरीद सकेंगे।
कंस्ट्रक्शन सेक्टर में वापसी
एक तरफ मार्केट ठंडा है, तो दूसरी तरफ निर्माण कार्य फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। मई 2026 में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में सुधार देखा गया। जून 2026 में रियाद और दम्माम में दो बड़े रिहायशी प्रोजेक्ट्स के लिए चीनी कंपनियों को 1.9 अरब सऊदी रियाल का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 1 लाख नए घर तैयार करना है।
