सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रही है। काउंसिल ऑफ इकोनॉमिक एंड डेवलपमेंट अफेयर्स ने बताया कि 2025 के अंत तक देश की रियल जीडीपी 4.9 ट्रिलियन सऊदी रियाल तक पहुँच जाएगी। यह बढ़त विज़न 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे देश की आर्थिक स्थिति और मज़बूत होगी।
सऊदी अरब की जीडीपी में इतनी बढ़ोतरी कैसे हुई?
इस बड़ी बढ़त में तेल के अलावा अन्य कारोबारों का बड़ा हाथ रहा है। गैर-तेल गतिविधियों ने जीडीपी में 55% का योगदान दिया है। वहीं, प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़कर 51% हो गई है, जो कि 2025 के लक्ष्य से भी ज़्यादा है। क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि विज़न 2030 की वजह से आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आया है और अब राष्ट्रीय कार्यक्रमों को लागू करने का सबसे अहम समय है।
अर्थव्यवस्था से जुड़े मुख्य आंकड़े और अपडेट
सऊदी अरब ने अपनी अर्थव्यवस्था और दुनिया में अपनी साख को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। नीचे दी गई टेबल में अर्थव्यवस्था से जुड़ी मुख्य जानकारियाँ दी गई हैं:
| विवरण | आंकड़ा/जानकारी |
|---|---|
| रियल जीडीपी (2025 के अंत तक) | 4.9 ट्रिलियन सऊदी रियाल |
| गैर-तेल गतिविधियों का योगदान | 55% |
| प्राइवेट सेक्टर का योगदान | 51% |
| सऊदी नागरिकों में बेरोज़गारी दर | 7.2% |
| PIF (पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड) के एसेट्स | 3.4 ट्रिलियन रियाल से ज़्यादा |
| वर्ल्ड कॉम्पिटिटिवनेस इंडेक्स रैंक | 17वां स्थान |
| विज़न 2030 का अगला चरण | 2026-2030 |
विज़न 2030 का अब अगला कदम क्या है?
सऊदी अरब अब विज़न 2030 के तीसरे और आखिरी चरण में प्रवेश करने जा रहा है, जो 2026 से 2030 तक चलेगा। सरकार ने 2025 में अब तक की उपलब्धियों की समीक्षा की है। डेटा की क्वालिटी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जनरल अथॉरिटी फॉर स्टेटिस्टिक्स ने नेशनल अकाउंट्स में बड़े अपडेट किए हैं। इससे भविष्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।