सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने रिक्रूटमेंट ऑफिसों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। 2026 की पहली तिमाही में की गई जांच के बाद 14 ऑफिसों पर कड़ी कार्रवाई हुई है। इसके साथ ही सरकार ने नौकरी, इकामा और मक्का में एंट्री को लेकर कई नए नियम लागू किए हैं, जिनका सीधा असर वहां रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों पर पड़ेगा।

रिक्रूटमेंट ऑफिसों पर एक्शन और नौकरी के नए नियम क्या हैं?

मंत्रालय ने जांच के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले 14 रिक्रूटमेंट ऑफिसों को पकड़ा है। इनमें से 3 ऑफिसों को सस्पेंड कर दिया गया है और 11 ऑफिसों के लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं। नौकरी के मोर्चे पर भी बड़े बदलाव हुए हैं। अब मार्केटिंग और सेल्स के कम से कम 20 पदों पर 60% सऊदीकरण (Saudization) अनिवार्य होगा, जो 19 अप्रैल 2026 से लागू होगा। वहीं, इंजीनियरिंग क्षेत्र में 50% और तकनीकी पदों पर 25% सऊदी नागरिकों की नियुक्ति जरूरी होगी।

मक्का में एंट्री और वीज़ा विस्तार के नियम

हज सीजन की तैयारियों के चलते 13 अप्रैल 2026 से बिना आधिकारिक परमिट के प्रवासियों का मक्का में प्रवेश बंद रहेगा। केवल वही लोग अंदर जा सकेंगे जिनके पास मक्का का इकामा, हज परमिट या कार्य परमिट होगा। साथ ही, 18 अप्रैल से 31 मई तक नुसुक (Nusk) प्लेटफॉर्म से उमराह परमिट जारी नहीं किए जाएंगे। वीज़ा को लेकर राहत देते हुए सरकार ने बताया है कि जिन वीज़ा की तारीख 25 फरवरी 2026 या उसके बाद खत्म हुई है, उन्हें 18 अप्रैल 2026 तक इमरजेंसी विस्तार मिलेगा।

लेबर लॉ और इकामा में हुए मुख्य बदलाव

सऊदी सरकार ने प्रवासियों की सुविधा और कामकाज को बेहतर बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। इन बदलावों की पूरी जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:

नियम/सुविधा बदलाव की जानकारी
नया इकामा अब 5 साल का फिजिकल इकामा जारी किया जाएगा।
ग्रेस पीरियड कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद 60 दिन का समय मिलेगा।
प्रोबेशन पीरियड अब नौकरी में ट्रायल पीरियड 180 दिन तक हो सकता है।
डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट Qiwa प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड कॉन्ट्रैक्ट ही मान्य होंगे।
डिपेंडेंट वर्क परमिट प्रवासियों के बच्चों और जीवनसाथी अब वर्क परमिट ले सकेंगे।
सैलरी पेमेंट वेतन का भुगतान केवल बैंक ट्रांसफर (Wage Protection System) से होगा।
जॉब मोबिलिटी कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने या सैलरी न मिलने पर बिना इजाजत ट्रांसफर संभव होगा।