Saudi Arabia Red Sea Attack: हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में किया सऊदी जहाज और सैन्य ठिकानों पर हमला, छह लोगों की हुई मौत.

लाल सागर में बढ़ते तनाव के बीच यमन के हूती आंदोलन ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को नए सैन्य अभियानों की घोषणा की। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की संपत्तियों को निशाना बनाया, जिसमें लाल सागर में एक सैन्य परिवहन पोत पर सीधा हमला और देश के भीतर सऊदी समर्थित प्रमुख ठिकानों पर समन्वित हमले शामिल हैं। इस हमले की पुष्टि Press TV की रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है, जिसमें हूती सैन्य प्रवक्ता ने हथियारों और सैन्य उपकरणों को ले जा रहे जहाज को निशाना बनाने की बात स्वीकार की है।
बाब एल-मदब जलडमरूमध्य में हुआ बड़ा हमला
यह ताज़ा हमला मंगलवार, 11 अगस्त को हुई एक अन्य घटना के तुरंत बाद सामने आया है, जिसमें यमनी अधिकारियों ने बताया कि हूती मिसाइलों की चपेट में आने से वाणिज्यिक जहाज "Tihama" पर सवार 6 लोगों की मौत हो गई। इस हमले में मरने वालों में 4 क्रू मेंबर और सरकार समर्थक नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के 2 सदस्य शामिल थे। यमन के परिवहन मंत्रालय ने जहाज की पहचान "Tihama" के रूप में की और बताया कि उस पर 3 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। वहीं, यमनी संयुक्त बलों के प्रवक्ता कर्नल वद्दाह अल-डोबिश ने दावा किया कि यह एक नागरिक नौका थी और उन्होंने हूती विद्रोहियों के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें सैन्य उपकरण ढोने की बात कही गई थी। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और पुष्टि की है कि मारे गए लोगों में उसके 3 नागरिक भी शामिल थे।
अंतर्राष्ट्रीय चिंता और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
इस बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर गहरी चिंता पैदा कर दी है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लाल सागर में जहाजों पर हूती हमलों के फिर से शुरू होने पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे क्षेत्रीय संघर्ष और अधिक फैल सकता है। इस बढ़ते टकराव पर चर्चा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक आज, 13 अगस्त 2026 को बुलाई गई है। हूती समूह के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद अब्दुल-सलाम ने सऊदी अरब पर 2022 के संघर्षविराम का फायदा उठाने का आरोप लगाया है और कहा है कि किसी भी समझौते में यमन पर लगी नाकाबंदी को हटाना शामिल होना चाहिए।
सऊदी अरब की नई रणनीतिक तैयारियां
लाल सागर के तट को हूती विद्रोहियों से वापस पाने के लिए सऊदी अरब एक नए जमीनी अभियान के विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 14 देशों के नौसैनिक कार्य बल की स्थापना की गई है। पेंटागन द्वारा 12 अगस्त 2026 को जारी की गई एक समीक्षा रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि पिछले साल हूती ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में 150 से अधिक नागरिक मारे गए थे। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत से यात्रा करने वाले लोगों के लिए इस क्षेत्र की स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है।