सऊदी अरब सरकार ने ग्रामीण इलाकों की हालत सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। ‘REEF’ प्रोग्राम के तहत छोटे किसानों और ग्रामीण परिवारों को भारी आर्थिक मदद दी गई है। साल 2020 से 2025 के बीच अरबों रियाल का फंड सीधे उन लोगों तक पहुँचाया गया है जो खेती और मछली पालन से जुड़े हैं। इस पहल का मकसद गाँव के लोगों का जीवन स्तर बढ़ाना और देश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

REEF प्रोग्राम के तहत कितनी मदद मिली और कौन से विभाग शामिल हैं?

इस प्रोग्राम की शुरुआत 9 जनवरी 2019 को किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने की थी। यह पूरी योजना सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है। इस योजना को चलाने की जिम्मेदारी Ministry of Environment, Water and Agriculture (MEWA) और Agricultural Development Fund (ADF) को दी गई है। जो लोग इसका लाभ लेना चाहते हैं, वे reef.gov.sa पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

इस प्रोग्राम से जुड़ी मुख्य जानकारियाँ नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं:

विवरण जानकारी
कुल सीधी आर्थिक मदद (2020-2025) 2.9 अरब सऊदी रियाल से ज्यादा
लाभान्वित ग्रामीण परिवार 92,000 से अधिक
सेक्टर्स की कुल मार्केट वैल्यू 5.6 अरब रियाल
मदद पाने वाले मधुमक्खी पालक 1,800
मदद पाने वाले छोटे मछुआरे 1,450
प्रोग्राम की शुरुआत की तारीख 9 जनवरी 2019

मछुआरों और मधुमक्खी पालकों के लिए क्या नई सुविधाएँ आईं?

सरकार ने केवल पैसा ही नहीं दिया, बल्कि काम करने के तरीके को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया है। हाल ही में 1,800 सऊदी मधुमक्खी पालकों को शहद की क्वालिटी और उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरण और टूल्स दिए गए। इसी तरह, छोटे मछुआरों की मदद के लिए 1,450 इंजन और डिस्ट्रेस डिवाइस मुहैया कराए गए हैं ताकि वे नई तकनीक का इस्तेमाल कर सकें।

  • खाद्य सुरक्षा: स्थानीय स्तर पर अनाज और अन्य उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना।
  • आधुनिक खेती: पानी की कमी को देखते हुए हाइड्रोपोनिक्स और वर्टिकल फार्मिंग जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • बड़ी उपलब्धि: REEF प्रोग्राम को मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े कृषि प्रोग्राम के रूप में अवॉर्ड भी मिला है।