क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए Saudi Arabia के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan Al Saud ने कतर और मिस्र के अपने समकक्षों के साथ फोन पर बातचीत की है। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य लाल सागर और अरब की खाड़ी में सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कूटनीतिक बातचीत और तनाव कम करने की पहल
25 जुलाई 2026 को सऊदी विदेश मंत्री ने मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty के साथ बात की। मिस्र के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में यातायात को रोकने के किसी भी प्रयास को खारिज किया और समुद्री सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने सभी सैन्य अभियानों को तुरंत रोकने का आह्वान किया और कहा कि कूटनीति ही संकट का एकमात्र समाधान है।
इसके अलावा, 23 जुलाई 2026 को सऊदी विदेश मंत्री ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani के साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम और तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा की।
क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति
इसी बीच, 25 जुलाई 2026 को यमन के Houthi समूह ने सऊदी अरब के जिजान और यनबू में ऊर्जा सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया। जवाब में सऊदी समर्थित बलों ने यमन के मारिब और अल-जौफ में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए। यनबू में तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाली दो बैलिस्टिक मिसाइलों को यूनानी सेना द्वारा संचालित अमेरिकी निर्मित Patriot बैटरी की मदद से बीच रास्ते में ही रोक दिया गया।
