सऊदी अरब में बिजली बनाने के लिए अब सूरज की रोशनी और हवा जैसे प्राकृतिक साधनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि देश की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 3 गीगावाट से बढ़कर 46 गीगावाट हो गई है। हालांकि, सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के आंकड़ों में यह संख्या अलग बताई गई है, जिससे लोग उलझन में हैं।

सऊदी अरब की रिन्यूएबल एनर्जी का असली आंकड़ा क्या है?

Akhbar24 सऊदी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 6 सालों में उत्पादन क्षमता 3 गीगावाट से बढ़कर 46 गीगावाट हो गई। लेकिन International Renewable Energy Agency (IRENA) और सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के डेटा के अनुसार, 2025 के अंत तक यह क्षमता लगभग 12.3 गीगावाट थी।

  • सोलर पावर: 2025 में सोलर एनर्जी का बड़ा योगदान रहा और यह बढ़कर 11,882 मेगावाट तक पहुँच गया।
  • पुराना रिकॉर्ड: साल 2018 में यह क्षमता केवल 142 मेगावाट थी, जो 2023 तक बढ़कर 2.7 गीगावाट हुई।
  • 46 गीगावाट का सच: विशेषज्ञों का मानना है कि 46 गीगावाट का आंकड़ा उन प्रोजेक्ट्स का हो सकता है जिन्हें मंजूरी मिल चुकी है या जो टेंडर प्रक्रिया में हैं, न कि वे जो अभी चालू हैं।

Vision 2030 के तहत क्या लक्ष्य रखा गया है?

सऊदी सरकार ने Vision 2030 के जरिए देश की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की योजना बनाई है। सरकार चाहती है कि 2030 तक देश की कुल बिजली क्षमता का 50% हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से आए।

  • नया लक्ष्य: 2023 में इस लक्ष्य को बढ़ाकर 130 गीगावाट कर दिया गया है।
  • टेंडर प्रक्रिया: अब तक कुल 64 गीगावाट की क्षमता वाले रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के टेंडर निकाले जा चुके हैं, जिनमें से 20.6 गीगावाट केवल 2025 में ही टेंडर किए गए।

बिजली स्टोरेज के लिए क्या नया कदम उठाया गया है?

सिर्फ बिजली बनाना ही काफी नहीं है, उसे स्टोर करना भी जरूरी है। इसी दिशा में Saudi Power Procurement Company (SPPC) ने 24 अप्रैल 2026 को एक नई पहल शुरू की है।

कंपनी ने Battery Energy Storage System (BESS) के दूसरे ग्रुप के प्रोजेक्ट्स के लिए प्री-क्वालिफिकेशन प्रक्रिया शुरू की है। इन प्रोजेक्ट्स की कुल क्षमता 3,000 मेगावाट और स्टोरेज 12,000 मेगावाट आवर होगा। इससे ग्रिड की स्थिरता बढ़ेगी और लोगों को बिना रुकावट के क्लीन एनर्जी मिल सकेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.