सऊदी अरब की सरकार ने 21 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। सऊदी कैबिनेट ने स्पष्ट किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करने वाली ईरान की आक्रामक कार्रवाइयों के खिलाफ इन देशों द्वारा उठाए गए हर कदम का समर्थन करेंगे। हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण सऊदी सरकार ने अपनी सुरक्षा और पड़ोसी देशों की स्थिरता के लिए यह कड़ा रुख अपनाया है।
क्षेत्र में ईरान का लगातार हमला
कुवैत के Ministry of Electricity and Water ने जानकारी दी कि 20 जुलाई को लगातार चौथे दिन उनके बिजली और पानी के प्लांट पर ईरानी हमले हुए हैं, जिससे वहां आग लगने की घटना भी सामने आई है। वहीं बहरीन की सेना ने अपने बचाव के लिए ईरानी हवाई हमलों को हवा में ही नाकाम किया और उन्हें मार गिराया। बहरीन ने ईरान पर सीधे तौर पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
जॉर्डन ने गिराए मिसाइल और ड्रोन
जॉर्डन की सेना ने भी 21 जुलाई 2026 को कड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान द्वारा छोड़े गए 3 मिसाइल और 5 ड्रोन को नष्ट कर दिया। जॉर्डन के अधिकारियों ने ईरान के उन दावों को पूरी तरह खारिज किया है जिसमें उन्होंने जॉर्डन के नागरिकों से मदद मिलने की बात कही थी। जॉर्डन ने इसे केवल अफवाह और मनोवैज्ञानिक युद्ध बताया है। इससे पहले 19 जुलाई को जॉर्डन ने ईरानी राजदूत को तलब कर इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया था। पूरे अरब जगत में इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन और निंदा का दौर जारी है।
