फरवरी 2026 में तेल आयात के मामले में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सऊदी अरब ने रूस को पीछे छोड़ते हुए भारत के सबसे बड़े कच्चे तेल (Crude Oil) आपूर्तिकर्ता की जगह फिर से हासिल कर ली है। यह बदलाव भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापारिक समझौतों और रूस पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद आया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि अमेरिकी दबाव और व्यापारिक फायदे के चलते भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने रूसी तेल की जगह सऊदी अरब और अमेरिकी तेल की ओर रुख किया है।

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फरवरी के आंकड़ों में बड़ा उलटफेर

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के पहले पखवाड़े में सऊदी अरब से तेल का आयात काफी तेजी से बढ़ा है। वहीं, पिछले कई महीनों से नंबर एक पर चल रहा रूस अब दूसरे स्थान पर खिसक गया है। जनवरी में जहां रूस की हिस्सेदारी ज्यादा थी, वहीं फरवरी में सऊदी अरब ने बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

  • सऊदी अरब (नया नंबर 1): फरवरी में आयात बढ़कर औसतन 1.13 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गया है।
  • रूस (गिरावट): रूस से आयात घटकर 1.09 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गया है।
  • पिछला रिकॉर्ड: जनवरी में रूस 1.14 मिलियन बैरल के साथ टॉप पर था, जबकि सऊदी अरब काफी पीछे था।
  • बाजार हिस्सेदारी: भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी गिरकर 21.2% रह गई है।

अमेरिका से समझौता और सऊदी का डिस्काउंट

इस बदलाव के पीछे दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं। पहला, भारत और अमेरिका के बीच 2 फरवरी 2026 को हुआ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’। इसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैक्स 25% से घटाकर 18% कर दिया है। व्हाइट हाउस का दावा है कि इसके बदले भारत ने रूसी तेल की खरीद कम करने का भरोसा दिया है।

दूसरा बड़ा कारण सऊदी अरामको (Saudi Aramco) की नई कीमत नीति है। सऊदी कंपनी ने अपने बिक्री मूल्य में कटौती की है और 30 सेंट प्रति बैरल का प्रीमियम हटा दिया है। इससे सऊदी का तेल रूसी तेल के मुकाबले ज्यादा किफायती हो गया है और भारतीय कंपनियों ने इसे हाथों-हाथ लिया है।

सरकार का क्या कहना है?

इस पूरे मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया है कि भारत की ऊर्जा खरीद पूरी तरह बाजार की स्थिति और लागत पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि सरकार 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जहां से सही दाम में तेल मिलेगा, वहां से खरीदा जाएगा। वहीं, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिया है कि भारत के पास गुयाना, ब्राजील और कनाडा जैसे विकल्प भी मौजूद हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.