सऊदी सरकार ने कमजोर वर्गों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब बुजुर्ग, दिव्यांग और अनाथ लोगों को रेजिडेंसी पर डिपेंडेंट जोड़ने की शर्त से छूट मिलेगी। इस कदम का मकसद इन लोगों की कागजी कार्रवाई और पैसों के बोझ को कम करना है।
आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यह छूट उन बुजुर्गों को मिलेगी जिनकी अपनी कोई कमाई नहीं है। साथ ही, ऐसे दिव्यांग लोग जिन्हें सोशल सिक्योरिटी का लाभ मिल रहा है, उन्हें भी रेजिडेंसी में डिपेंडेंट जोड़ने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, जिन अनाथों के पास कोई सहारा नहीं है और वे विशेष परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, उन्हें भी इस नियम से बाहर रखा गया है।
डिपेंडेंट फीस और नियम
सऊदी अरब में निजी सेक्टर के प्रवासियों के लिए उनके परिवार के सदस्यों (डिपेंडेंट्स) पर हर महीने 400 रियाल का शुल्क लगता है। यह पैसा इकामा रिन्यू कराते समय या एग्जिट-रीएंट्री वीजा लेते समय एडवांस में देना पड़ता है। इसमें जीवनसाथी, 18 साल से कम उम्र के बच्चे और माता-पिता शामिल होते हैं।
सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस शुल्क से छूट दी हुई है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
| श्रेणी | फीस का स्टेटस |
|---|---|
| सऊदी नागरिकों के डिपेंडेंट | पूरी तरह छूट |
| सरकारी सेक्टर में काम करने वाले प्रवासियों के परिवार | छूट |
| घरेलू कामगार (Domestic Workers) | छूट |
| सऊदी नागरिक के पति या पत्नी | छूट |
| सऊदी पुरुषों की विधवा या तलाकशुदा पत्नियां (बच्चों के लिए) | छूट |
| स्टूडेंट वीजा पर रहने वाले विदेशी छात्र | छूट |
| जिनके पास अपना वर्क वीजा है | डिपेंडेंट में नहीं गिने जाएंगे |
इसके अलावा, अप्रैल 2024 में सरकार ने पड़ोसी देशों से आए विस्थापित नागरिकों के लिए भी एक राहत दी थी। उनके और उनके साथियों के लिए इकामा और वर्क परमिट जैसे सरकारी शुल्कों का भुगतान चार साल तक सरकार करेगी।
