सऊदी अरब के जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ पासपोर्ट्स (Jawazat) ने उन लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं जिन्होंने इकामा, लेबर और बॉर्डर सिक्योरिटी के नियमों को तोड़ा है। धुल हिज्जा के महीने में कुल 12,371 प्रशासनिक फैसले लिए गए हैं, जिसमें सऊदी नागरिक और विदेशी प्रवासी दोनों शामिल हैं। यह पूरी कार्रवाई अलग-अलग रीजनल पासपोर्ट ऑफिस की कमेटियों द्वारा की गई है।

इन नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त सजा तय की गई है, जिसमें जेल जाना, भारी जुर्माना भरना और विदेशी प्रवासियों को डिपोर्ट करना यानी देश से बाहर निकालना शामिल है। विभाग ने सभी नागरिकों, निवासियों और बिजनेस मालिकों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को नौकरी पर न रखें, न ही उन्हें रहने की जगह दें और न ही उन्हें ट्रांसपोर्ट की सुविधा दें। ऐसे लोगों को छुपाना या उनकी मदद करना भी अपराध माना जाएगा।

मदद के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क

सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे नियमों का उल्लंघन करने वालों की जानकारी अधिकारियों को दें। मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत के लोग 911 नंबर पर कॉल कर सकते हैं, जबकि सऊदी अरब के बाकी हिस्सों में रहने वाले लोग 999 नंबर का इस्तेमाल करें। पासपोर्ट विभाग ने भरोसा दिलाया है कि रिपोर्ट करने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और उन पर कोई कानूनी जिम्मेदारी नहीं होगी।

लेबर नियमों में बदलाव और नए जुर्माने

सऊदी अरब ने लेबर कानूनों में बड़े बदलाव किए हैं जो अप्रैल 2026 से लागू होंगे। अब वर्क परमिट या कॉन्ट्रैक्ट में लिखे पेशे से अलग काम कराने पर 3,000 से 10,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा। बिना वैध परमिट के विदेशी नागरिक को काम पर रखने पर हर उल्लंघन के लिए 10,000 रियाल का जुर्माना देना होगा। वहीं, किसी कर्मचारी का पासपोर्ट या इकामा अपने पास रखने वालों पर 3,000 रियाल का जुर्माना लगेगा।

फरवरी 2026 की घोषणा के अनुसार, अवैध रूप से प्रवासियों को नौकरी देने या उन्हें दूसरों के लिए काम करने देने वाली कंपनियों पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। जिम्मेदार मैनेजरों को एक साल तक की जेल हो सकती है और विदेशी मैनेजरों को सजा के बाद डिपोर्ट किया जाएगा। ऐसी कंपनियों पर 5 साल तक विदेशी वर्कर बुलाने पर रोक भी लग सकती है।

हज नियमों का उल्लंघन पड़ेगा महंगा

मई 2026 से लागू होने वाले हज नियमों के तहत, बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लगेगा। ऐसे लोगों को ट्रांसपोर्ट या रहने की जगह देने वालों पर 1 लाख रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा। नियम तोड़ने वाले विदेशी प्रवासियों को डिपोर्ट किया जा सकता है और उन पर 10 साल तक के लिए सऊदी अरब में दोबारा आने पर रोक लग सकती है।

कार्रवाई का पूरा विवरण

विवरण / समय सीमा संख्या या जुर्माना
धुल हिज्जा (हालिया कार्रवाई) 12,371 फैसले
रजब 1447 AH (जनवरी 2026) 19,559 फैसले
नवंबर और दिसंबर 2025 17,767 फैसले
1 जनवरी से 30 जून 2025 111,034 फैसले
धुल किदा 1446 AH (जून 2025) 12,711 फैसले
बिना परमिट विदेशी कर्मचारी रखना 10,000 रियाल जुर्माना
गलत प्रोफेशन में काम कराना 3,000 – 10,000 रियाल
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.