सऊदी अरब जाने वाले हज और उमराह यात्रियों के लिए एक बहुत जरूरी खबर है। Saudi Food and Drug Authority (SFDA) ने प्रतिबंधित दवाओं को साथ ले जाने के लिए नए नियम और दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब यात्रियों को अपने साथ प्रतिबंधित दवाएं ले जाने के लिए पहले से अनुमति लेनी होगी, ताकि सफर के दौरान कोई कानूनी दिक्कत न आए।

दवाओं की अनुमति के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत है?

SFDA के मुताबिक, अगर कोई यात्री प्रतिबंधित दवाएं अपने साथ ले जाना चाहता है, तो उसे आवेदन के समय निम्नलिखित चीजें जमा करनी होंगी:

  • पासपोर्ट की कॉपी: आवेदन करने वाले व्यक्ति के पासपोर्ट की साफ फोटो।
  • मेडिकल रिपोर्ट या पर्चा: डॉक्टर का वैध पर्चा या मेडिकल रिपोर्ट, जो 6 महीने से ज्यादा पुराना न हो।
  • दवा की फोटो: दवा के पैकेट और बाहरी पैकिंग की साफ फोटो।
  • इलेक्ट्रॉनिक घोषणा: आवेदन भेजने से पहले पोर्टल पर दी गई इलेक्ट्रॉनिक घोषणा को स्वीकार करना होगा।

कितनी दवाएं ले जा सकते हैं और आवेदन कैसे करें?

दवाओं की मात्रा को लेकर नियम काफी सख्त रखे गए हैं। यात्री केवल उतनी ही दवा ले जा सकते हैं, जो उनके 30 दिनों के इस्तेमाल के लिए हो या सऊदी अरब में उनके रुकने की अवधि के बराबर हो, इन दोनों में से जो भी कम हो। यह मात्रा डॉक्टर के पर्चे में लिखे डोज के हिसाब से होनी चाहिए।

इस परमिट के लिए यात्री SFDA के इलेक्ट्रॉनिक Controlled Drug System (CDS) पोर्टल cds.sfda.gov.sa पर अपना पर्सनल ट्रैवलर अकाउंट बनाकर आवेदन कर सकते हैं। यह नियम खास तौर पर दर्द निवारक (painkillers), नींद की गोलियों, चिंता कम करने वाली दवाओं और नशीले पदार्थों वाली दवाओं पर लागू होता है।

नियमों का पालन न करने पर क्या होगा?

सऊदी सरकार ने साफ किया है कि बिना वैध परमिट के प्रतिबंधित दवाएं लाना मना है। अगर कोई यात्री बिना अनुमति के ऐसी दवाएं ले जाता है, तो अधिकारियों द्वारा दवाएं जब्त की जा सकती हैं। कुछ मामलों में यात्री को देश में प्रवेश देने से भी मना किया जा सकता है। यह सिस्टम यात्रियों और उनके परिजनों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

किन दवाओं के लिए सऊदी अरब में परमिट लेना जरूरी है?

दर्द निवारक (painkillers), नींद की गोलियां, चिंता कम करने वाली दवाएं, स्टिमुलेंट्स, एंटी-डिप्रेसेंट्स या ऐसी कोई भी दवा जिसमें नशीले या साइकोट्रोपिक पदार्थ हों, उनके लिए परमिट जरूरी है।

मेडिकल रिपोर्ट या डॉक्टर का पर्चा कितना पुराना हो सकता है?

दवाओं के लिए जमा की जाने वाली मेडिकल रिपोर्ट या डॉक्टर का पर्चा जारी होने की तारीख से 6 महीने से ज्यादा पुराना नहीं होना चाहिए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.