Middle East में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. सऊदी अरब की रॉयल एयर फोर्स ने ईरान के मिलिट्री ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए थे. यह पूरी कार्रवाई ईरान द्वारा सऊदी के बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों का जवाब थी. अब इस खबर के सार्वजनिक होने से पूरे इलाके में हलचल मच गई है.
सऊदी अरब ने ईरान पर हमला क्यों और कब किया?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने मार्च 2026 के अंत में ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए थे. यह हमला उन ईरानी हमलों के जवाब में था जिन्होंने पिछले कुछ हफ्तों में सऊदी के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया था. इस पूरे विवाद की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे. इसके बाद ईरान ने सभी छह GCC देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए थे.
सऊदी और ईरान के बीच अब क्या स्थिति है?
हवाई हमलों के बावजूद, दोनों देशों ने पर्दे के पीछे तनाव कम करने की कोशिश की. रिपोर्ट्स के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 को वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम होने से पहले सऊदी और ईरान के बीच एक अनौपचारिक समझौता हुआ था. इस समझौते का मकसद शत्रुता को रोकना और आपसी हितों की रक्षा करना था. हालांकि, सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने 19 मार्च को साफ कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो सऊदी सैन्य कार्रवाई का अधिकार रखता है.
इस पूरे मामले में किन देशों की भूमिका रही?
- अमेरिका और इसराइल: इन्होंने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर शुरुआती हमले किए थे.
- UAE: बताया गया है कि इस दौरान UAE ने भी ईरान के खिलाफ सैन्य हमले किए थे.
- इराक: सऊदी अरब ने 12 अप्रैल 2026 को इराक के राजदूत को बुलाया था क्योंकि कुछ हमले इराक की जमीन से शुरू हुए थे.
- रॉयटर्स: इस पूरी गोपनीय सैन्य कार्रवाई की जानकारी सबसे पहले रॉयटर्स ने अपने सूत्रों के हवाले से दी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब ने ईरान पर हमले कब किए थे?
सऊदी अरब ने मार्च 2026 के अंत में ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे, जिसकी जानकारी मई 2026 में सामने आई.
क्या सऊदी और ईरान के बीच शांति समझौता हुआ है?
हाँ, अप्रैल 2026 की शुरुआत में दोनों देशों के बीच शत्रुता रोकने और तनाव कम करने के लिए एक अनौपचारिक सहमति बनी थी.
