सऊदी अरब अपने पुराने शहरों और गांवों को फिर से नया रूप देने जा रहा है। सरकार ने 500 से ज्यादा प्राइवेट हेरिटेज कस्बों और गांवों को संवारने के लिए एक नेशनल प्रोग्राम शुरू करने का फैसला किया है। इस कदम से इन ऐतिहासिक जगहों को टूरिज्म और बिजनेस के बड़े सेंटर्स में बदला जाएगा, जो विजन 2030 का हिस्सा है।

इस प्रोग्राम की शुरुआत कब होगी और कौन करेगा मदद?

संस्कृति मंत्री प्रिंस बद्र बिन अब्दुल्ला ने 16 अप्रैल 2026 को इस पहल का ऐलान किया था। इस प्रोग्राम के लिए आवेदन 2026 की चौथी तिमाही (Q4) से शुरू होंगे। सरकार का तरीका यह होगा कि जो नॉन-प्रॉफिट संस्थाएं इन पुराने कस्बों को सुधारने में पैसा लगाएंगी, सरकार उन्हें वित्तीय मदद (Financial Matching) देगी। इससे प्रॉपर्टी के मालिक अपने खर्च पर मरम्मत का काम कर सकेंगे और इन जगहों को आर्थिक लाभ दिलाने वाले सेंटर्स में बदला जा सकेगा।

हेरिटेज कमीशन का क्या रोल है और अब तक क्या हुआ?

इस पूरे काम की जिम्मेदारी हेरिटेज कमीशन (Heritage Commission) की है, जिसे 2020 में बनाया गया था। कमीशन ने जनवरी 2025 तक 3,202 नई साइट्स को नेशनल अर्बन हेरिटेज रजिस्टर में जोड़ा है, जिससे अब कुल संख्या 28,202 हो गई है। अक्टूबर 2025 में अल-बहा (Al-Baha) में भी 184 नई हेरिटेज साइट्स दर्ज की गई थीं।

  • जेद्दा प्रोजेक्ट: क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देश पर जेद्दा के ऐतिहासिक जिले में 233 पुरानी इमारतों को बचाया गया है।
  • रणनीति: हेरिटेज कमीशन की रणनीति में डिजिटल टेक्नोलॉजी, प्राइवेट सेक्टर के साथ काम और फंडिंग जैसे आठ मुख्य बिंदु शामिल हैं।
  • लक्ष्य: पुराने वास्तुशिल्प को बचाते हुए उन्हें आधुनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाना है।