सऊदी अरब की राजधानी रियाद को एक बड़े आर्ट हब में बदलने की तैयारी तेज़ी से चल रही है। रियाद आर्ट प्रोग्राम ने अपने सार्वजनिक कला संग्रह का विस्तार किया है, जिसमें अब भारतीय और इतालवी कलाकारों की शानदार कलाकृतियों को शामिल किया गया है। सऊदी प्रेस एजेंसी ने 10 जून 2026 को इस बात की आधिकारिक जानकारी साझा की है। इस नए बदलाव से शहर की खूबसूरती और भी बढ़ जाएगी और प्रवासियों को भी अपने देश की कला देखने का मौका मिलेगा।
रियाद में कहाँ देख सकेंगे भारतीय और इतालवी कलाकारों का आर्ट?
रियाद आर्ट प्रोग्राम के तहत अलग-अलग महत्वपूर्ण जगहों पर इन बेहतरीन कलाकृतियों को लगाया गया है। भारत के मशहूर कलाकार सुबोध गुप्ता की कलाकृति जिसका नाम फैमिली ट्री है, उसे किंग अब्दुल्ला फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में जगह मिली है। वहीं, इटली के कलाकार ग्यूसेप पेनोने की कलाकृति इन द बैलेंस को किंग अब्दुलअज़ीज़ हिस्टोरिकल सेंटर में स्थापित किया गया है।
रियाद आर्ट के सीनियर डायरेक्टर बदर शनाफी ने बताया कि पब्लिक आर्ट का मुख्य मकसद लोगों को उनके दैनिक जीवन में कला से जोड़ना है। यह कलाकृतियां शहर के विकास का हिस्सा बन रही हैं और लोगों के रोजाना के सफर को खूबसूरत बना रही हैं।
रियाद को ग्लोबल आर्ट हब बनाने की क्या है तैयारी?
रॉयल कमीशन फॉर रियाद सिटी द्वारा साल 2019 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य पूरे शहर में कला को बढ़ावा देना है। इस योजना से जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- अप्रैल 2026 तक रियाद में 75 कलाकृतियां स्थापित की जा चुकी थीं।
- साल 2026 के अंत और उसके बाद तक 115 और नई कलाकृतियां लगाने की योजना है।
- इस पूरे स्थायी संग्रह में दुनिया भर के 47 देशों के 100 अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के काम शामिल हैं।
- इसके साथ ही सऊदी अरब के खुद के 35 कलाकारों के काम को भी इसमें जगह दी गई है।
- इन नई स्थापनाओं में 12 विशाल मूर्तियां शामिल हैं, जिन्हें एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के जरिए चुना गया जिसमें 161 आवेदन आए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रियाद आर्ट में किस भारतीय कलाकार की कलाकृति शामिल की गई है?
रियाद आर्ट में भारतीय कलाकार सुबोध गुप्ता की बनाई गई कलाकृति ‘फैमिली ट्री’ को शामिल किया गया है, जिसे किंग अब्दुल्ला फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में स्थापित किया गया है।
रियाद आर्ट प्रोग्राम की शुरुआत कब हुई थी और इसे कौन संभालता है?
रियाद आर्ट प्रोग्राम की शुरुआत साल 2019 में की गई थी और इसे रॉयल कमीशन फॉर रियाद सिटी द्वारा संभाला जा रहा है।
