सऊदी अरब की सरकार ने राजधानी रियाद में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए सरकारी दफ्तरों के समय में बड़ा बदलाव किया है। इसके साथ ही, देश में रह रहे करीब 1.5 करोड़ विदेशी प्रवासियों के लिए वीज़ा, स्वास्थ्य और नौकरी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों को लागू किया गया है। इन नए बदलावों का सीधा असर सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य देशों के नागरिकों पर पड़ेगा।

रियाद में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, दफ्तरों के समय में हुआ बदलाव

रॉयल कमीशन फॉर रियाद सिटी और मानव संसाधन मंत्रालय ने मिलकर रियाद के छह मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों में लचीले कामकाजी घंटों की शुरुआत की है। इस योजना को 2 जून 2026 से लागू कर दिया गया है। इस नए नियम के तहत प्रशासनिक पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों को दफ्तर आने के लिए 4 घंटे की छूट मिलेगी।

  • सिविल सर्विस सिस्टम: इस विभाग के अंतर्गत आने वाले सरकारी कर्मचारी सुबह 5:30 बजे से लेकर 9:30 बजे के बीच कभी भी दफ्तर आ सकते हैं।
  • लेबर सिस्टम: इस प्रणाली के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए दफ्तर आने का समय सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे के बीच तय किया गया है।
  • शामिल क्षेत्र: यह योजना किंग अब्दुल्ला फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट, डिजिटल सिटी, डिप्लोमैटिक क्वार्टर, लेसेन वैली, ग्रेनाडा बिजनेस और रोशिन फ्रंट में लागू की गई है।
  • किन्हें छूट नहीं मिलेगी: स्वास्थ्य विभाग, सरकारी स्कूलों और फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों पर यह नियम लागू नहीं होगा।

सऊदी प्रवासियों के लिए डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट और वीज़ा नियमों में बदलाव

सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों के लिए सरकार ने कई नए डिजिटल और कानूनी बदलाव किए हैं। प्रवासियों को अब अपनी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने और रिकॉर्ड रखने के लिए नए ‘सेहती’ (Sahti) डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है।

इसके साथ ही, सरकार ने विजिट वीज़ा को वर्क परमिट में बदलने की प्रक्रिया को भी काफी आसान बना दिया है। अब विदेशी पेशेवर बिना किसी स्थानीय स्पॉन्सर के भी रिमोट वर्क वीज़ा के जरिए सऊदी अरब में रहकर काम कर सकते हैं। इसके अलावा, सऊदी सरकार ने कई नौकरियों का पूरी तरह से सऊदीकरण कर दिया है, जिसमें वेलनेस सेंटर और स्पा में प्रशासनिक पद शामिल हैं।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई और जेल

सऊदी अरब सरकार ने वीज़ा और निवास नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकाला जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को शरण देने या उनकी मदद करने पर 15 साल तक की जेल और 10 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रियाद में नया फ्लेक्सिबल वर्किंग ऑवर क्या है?

सिविल सर्विस के कर्मचारियों के लिए सुबह 5:30 से 9:30 बजे तक और लेबर सिस्टम के लिए सुबह 7:00 से 11:00 बजे तक का समय तय किया गया है।

क्या सभी सरकारी विभागों में यह नया समय लागू होगा?

नहीं, यह नियम केवल प्रशासनिक पदों के लिए है। स्वास्थ्य सेवा, पब्लिक एजुकेशन और फील्ड में काम करने वाले लोगों पर यह लागू नहीं होगा।

सऊदी प्रवासियों के लिए कौन सा डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट अनिवार्य किया गया है?

सऊदी अरब में रह रहे सभी प्रवासियों के लिए ‘सेहती’ (Sahti) डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.