Saudi Arabia: रियाद की सोफा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 16 बांग्लादेशी प्रवासियों की दर्दनाक मौत

Praggya Singh sabal13 August 20264 min read84 viewsSaudi
Saudi Arabia: रियाद की सोफा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 16 बांग्लादेशी प्रवासियों की दर्दनाक मौत

सऊदी अरब की राजधानी रियाद के खोरदाम इलाके से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है, जहाँ रविवार को एक सोफा बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में कम से कम 16 बांग्लादेशी प्रवासी मजदूरों की जान चली गई, जिससे उनके परिवारों और पूरे इलाके में मातम पसर गया है। इस दुर्घटना की पुष्टि बांग्लादेश के प्रवासी कल्याण एवं विदेशी रोजगार मंत्रालय ने सोमवार को सऊदी अरब के फायर सर्विस विभाग के हवाले से की है। विदेश में रोजी-रोटी कमाने गए इन गरीब मजदूरों की इस तरह असमय मौत से हर कोई स्तब्ध है और गल्फ देशों में काम करने वाले अन्य प्रवासियों के दिलों में भी डर बैठ गया है कि कैसे काम के दौरान सुरक्षा में छोटी सी चूक बड़ी आफत बन जाती है।

मृतकों में ज्यादातर उत्तर बांग्लादेश के लोग शामिल

बांग्लादेश के अंग्रेजी अखबार प्रोधोम आलो तथा तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू ने मंत्रालय के हवाले से जानकारी दी है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में से 10 लोग उत्तरी बांग्लादेश के नौगांव जिले के रहने वाले थे। इसके अलावा अन्य मृतक नटोर और राजशाही जिलों से ताल्लुक रखते थे। नौगांव के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद सैफ़ुल इस्लाम ने मीडिया को बताया कि जिले के मृतकों में से 10 लोग अकेले अतराई उपजिला के निवासी थे। इन सभी बदकिस्मत नौजवानों की उम्र करीब 25 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए विदेश गए थे। नटोर के नल्डांगा उपजिला के अधिकारियों ने भी तीन मृतकों की पहचान कर ली है, जिनके नाम सब्बीर हुसैन शुवो, शमीम हुसैन और रबिउल अव्वल हृदो हैं और ये सभी खजुरा यूनियन के अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

फैक्ट्री में कब और कैसे लगी आग

मिली जानकारी के अनुसार, यह भयानक हादसा रविवार को हुआ जब फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी। बांग्लादेश के समय के अनुसार दोपहर करीब 3:30 बजे यह घटना घटी। हालांकि अभी तक आग लगने के असली कारणों का आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका है कि यह शॉर्ट सर्किट से हुई या किसी अन्य लापरवाही का नतीजा थी। हादसे की सूचना मिलते ही सऊदी अधिकारियों ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और कई लोगों की अंदर ही दम घुटने या झुलसने से मौत हो गई।

मंत्रालय और दूतावास उठा रहे हैं कदम

इस बड़े हादसे पर बांग्लादेश के प्रवासी कल्याण और विदेशी रोजगार मंत्री आरिफ़ुल हक चौधरी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि रोज़गार की तलाश में सऊदी अरब गए बांग्लादेशी नागरिकों की इस तरह असमय जान जाना बेहद दुखद और झकझोर देने वाला है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी मृतकों के शवों को जल्द से जल्द बांग्लादेश वापस लाने की प्रक्रिया को तेज किया जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को आवश्यक सरकारी सहायता और उचित मुआवजा भी उपलब्ध कराया जाए ताकि इस मुश्किल वक्त में उनके परिवारों को कुछ आर्थिक संबल मिल सके।

दूसरी ओर, रियाद स्थित बांग्लादेशी दूतावास के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। दूतावास के अधिकारी मृतकों की सही पहचान करने और उनके शवों को स्वदेश भेजने की तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए सऊदी स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं। इसके साथ ही बांग्लादेश का विदेश मंत्रालय भी इस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि प्रवासियों के परिवारों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सऊदी अरब में प्रवासियों की स्थिति

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सऊदी अरब बांग्लादेशी प्रवासी मजदूरों के लिए दुनिया के सबसे बड़े रोजगार केंद्रों में से एक माना जाता है। यहाँ बांग्लादेश के करीब 35 लाख नागरिक रहते हैं और अपनी आजीविका चलाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कड़ी मेहनत करते हैं। इनमें से एक बहुत बड़ी संख्या ऐसे प्रवासियों की है जो कम-कुशल हैं और निर्माण स्थलों, कारखानों या अन्य श्रम आधारित क्षेत्रों में काम करते हैं। इस तरह के हादसे अक्सर कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी की ओर इशारा करते हैं, जिससे गल्फ देशों में रहने वाले अन्य देशों के कामगारों और भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ जाती हैं।

Share:

Comments

Leave a comment