Saudi Arabia: रियाद की सोफा फैक्ट्री में भयानक आग, हादसे में 16 बांग्लादेशी प्रवासियों की मौत

Nura Basta16 August 20264 min read90 viewsSaudi
Saudi Arabia: रियाद की सोफा फैक्ट्री में भयानक आग, हादसे में 16 बांग्लादेशी प्रवासियों की मौत

सऊदी अरब की राजधानी रियाद से एक बेहद दर्दनाक और बुरी खबर सामने आई है, जहां एक सोफा बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने के कारण कम से कम 16 बांग्लादेशी प्रवासी मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस बड़े हादसे ने खाड़ी देशों में काम करने वाले गरीब प्रवासियों और उनके परिवारों को झकझोर कर रख दिया है। छुट्टी के दिन या काम के दौरान अचानक फैली इस आग ने कई हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है और हर तरफ मातम का माहौल बन गया है।

मंत्रालय और अधिकारियों ने की हादसे की पुष्टि

बांग्लादेश के प्रवासी कल्याण एवं विदेशी रोजगार मंत्रालय ने सोमवार को सऊदी अरब के फायर सर्विस विभाग के हवाले से इस पूरे हादसे की आधिकारिक पुष्टि की है। बांग्लादेश के अखबार प्रोथोम आलो और तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू ने मंत्रालय के हवाले से जानकारी साझा की है कि इस बड़े हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में से 10 लोग उत्तरी बांग्लादेश के नौगांव जिले के रहने वाले थे, जबकि अन्य मृतक नटोर और राजशाही जिलों से ताल्लुक रखते थे। नौगांव के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद सैफ़ुल इस्लाम ने बताया कि जिले के मृतकों में से 10 लोग अतराई उपजिला के निवासी थे और इन सभी की उम्र करीब 25 से 35 वर्ष के बीच थी, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए विदेश गए थे।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

स्थानीय प्रशासन ने की पीड़ितों की पहचान

नटोर जिले के नल्डांगा उपजिला के अधिकारियों ने भी इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले तीन स्थानीय युवकों की पहचान कर ली है। इनमें सब्बीर हुसैन शुवो, शमीम हुसैन और रबिउल अव्वल हृदो के नाम शामिल हैं, जो खजुरा यूनियन के अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे। स्थानीय प्रशासन और पीड़ित परिवारों के लिए यह नुकसान असहनीय बन गया है क्योंकि ये सभी युवा अपने घरों से दूर विदेशों में कड़ी मेहनत कर रहे थे ताकि अपने परिवार को एक बेहतर जिंदगी दे सकें।

रविवार को दोपहर में हुआ हादसा

यह दुखद घटना रविवार को हुई, जब रियाद के खोरदाम इलाके में स्थित एक सोफा फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी। मिली जानकारी के अनुसार, फैक्टरी में आग बांग्लादेश के समय के अनुसार रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे लगी थी। आग इतनी भयानक थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हालांकि, आग लगने के कारणों का अब तक आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका है और स्थानीय जांच एजेंसियां इसकी असल वजह का पता लगाने में जुटी हुई हैं। हादसे की सूचना मिलते ही सऊदी अधिकारियों ने तुरंत राहत और बचाव अभियान चलाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

मंत्री ने जताया गहरा दुख और दिए निर्देश

प्रवासी कल्याण और विदेशी रोजगार मंत्री आरिफ़ुल हक चौधरी ने इस बड़े हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि रोज़गार की तलाश में सऊदी अरब गए बांग्लादेशी नागरिकों की इस तरह असमय मौत बेहद दुखद और हृदयविदारक है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी मृतकों के शवों को जल्द से जल्द बांग्लादेश वापस लाने की प्रक्रिया तेज की जाए। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों को आवश्यक सरकारी सहायता और उचित मुआवज़ा समय पर उपलब्ध कराया जाए ताकि इन गरीब परिवारों को थोड़ी राहत मिल सके।

दूतावास और विदेश मंत्रालय रख रहे हैं नजर

रियाद स्थित बांग्लादेशी दूतावास के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। दूतावास के अधिकारी मृतकों की औपचारिक पहचान करने और उनके शवों को स्वदेश वापस भेजने की कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए सऊदी अरब के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं। इसके अलावा, बांग्लादेश का विदेश मंत्रालय भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि प्रभावित परिवारों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सऊदी अरब में प्रवासी श्रमिकों की स्थिति

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सऊदी अरब दुनिया भर से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए सबसे बड़े रोजगार केंद्रों में से एक माना जाता है। अकेले बांग्लादेश के करीब 35 लाख नागरिक सऊदी अरब में रहते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देते हैं। इनमें से एक बहुत बड़ी संख्या ऐसे कम-कुशल और श्रम आधारित क्षेत्रों में काम करने वाले प्रवासियों की है, जो दिन-रात कड़ी मेहनत करके अपने देश पैसे भेजते हैं। इस तरह के हादसे न केवल प्रवासियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करते हैं बल्कि खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय और अन्य प्रवासियों के परिवारों को भी डरा देते हैं कि विदेशी जमीन पर उनकी सुरक्षा कितनी जरूरी है।

Share:

Comments

Leave a comment