सऊदी अरब और रूस के बीच औद्योगिक और माइनिंग क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। सऊदी अरब के उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री Bandar Ibrahim Al-Khorayef ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित 29वें सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF 2026) के दौरान रूस के निवेश अधिकारियों और मंत्रियों से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और सऊदी विजन 2030 के तहत माइनिंग सेक्टर को मजबूत करना है।
सऊदी अरब और रूस के बीच क्या समझौते हुए हैं?
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई है। इस दौरान निम्नलिखित मुख्य बातें सामने आईं:
- सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री Prince Abdulaziz bin Salman ने दोनों देशों के बीच शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन और उद्योग से जुड़े 30 समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की घोषणा की।
- दोनों देशों के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी एक समझौता किया गया है।
- आने वाले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार को 12 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पहले 3.9 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया था।
- सऊदी अरब और रूस के बीच औद्योगिक विकास के लिए अगले पांच वर्षों में 1.46 बिलियन डॉलर के रूसी निवेश की योजना बनाई गई है।
किन खास क्षेत्रों और कंपनियों के साथ होगी साझेदारी?
सऊदी अरब अपनी राष्ट्रीय औद्योगिक रणनीति के तहत रूसी औद्योगिक विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहता है। इस साझेदारी में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल हैं:
- सऊदी मंत्री Bandar Ibrahim Al-Khorayef ने खनिज अन्वेषण में उन्नत तकनीकों की समीक्षा के लिए Karpinsky Institute of Geology का दौरा किया ताकि सऊदी अरब की भूवैज्ञानिक क्षमताओं को मजबूत किया जा सके।
- दोनों देशों ने ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी, एरियल व्हीकल, केमिकल, माइनिंग, एनर्जी इक्विपमेंट और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की पहचान की है।
- इस सहयोग में रूस की प्रमुख कंपनियां जैसे Alrosa (डायमंड माइनिंग), VSMPO-AVISMA (टाइटेनियम उत्पादक), Nordgold (गोल्ड माइनिंग) और रूसी एल्युमीनियम एसोसिएशन शामिल हैं।
सऊदी विजन 2030 के लिए माइनिंग क्यों है जरूरी?
सऊदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था को केवल तेल राजस्व पर निर्भर नहीं रखना चाहता, इसलिए माइनिंग को अर्थव्यवस्था का एक मुख्य स्तंभ बनाया जा रहा है। सऊदी अरब का लक्ष्य है कि वह वैश्विक स्तर पर मिनरल और माइनिंग सेक्टर में अपनी स्थिति को ठीक उसी तरह मजबूत करे, जैसे उसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति स्थिरता में अपनी भूमिका निभाई है। इस पहल से दोनों देशों के निजी क्षेत्रों को काफी मदद मिलेगी और नए निवेश के रास्ते खुलेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब और रूस के बीच कुल कितने समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं?
सऊदी अरब और रूस के बीच शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन और उद्योग सहित कुल 30 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसमें पर्यावरण संरक्षण पर हुआ एक समझौता भी शामिल है।
अगले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार का क्या लक्ष्य रखा गया है?
सऊदी अरब और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार को अगले पांच वर्षों में बढ़ाकर 12 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है, जो पहले 3.9 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया था।
सऊदी अरब में रूस कितना निवेश करेगा?
सऊदी अरब और रूस के बीच औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 1.46 बिलियन डॉलर के रूसी निवेश की योजना बनाई गई है।
