सऊदी अरब और रूस के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक बड़ी डील हुई है। दोनों देशों ने कृषि और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों की कुल कीमत 4.8 अरब सऊदी रियाल यानी लगभग 1.28 अरब डॉलर है। यह समझौता 9 जून 2026 को सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दौरान किया गया। इस बड़ी साझेदारी के बाद अब सऊदी अरब से कई खास चीज़ें सीधे रूस भेजी जाएंगी।
किन खास चीज़ों का रूस में होगा एक्सपोर्ट?
इस डील के तहत सऊदी अरब अपने कई स्थानीय कृषि और डेयरी उत्पादों को रूसी बाजार में उतारेगा। इनमें मुख्य रूप से ये तीन चीजें शामिल हैं:
- सऊदी कॉफी: सऊदी अरब की खास कॉफी और उससे जुड़े उत्पादों को रूस के बाजारों में बढ़ावा देने और उनके एक्सपोर्ट के लिए समझौता किया गया है।
- मछली और झींगा: रूस की बड़ी आयात और वितरण कंपनियों के साथ रणनीतिक सहयोग शुरू किया गया है ताकि सऊदी अरब की मछली और झींगे का एक्सपोर्ट आसान हो सके।
- ऊंट का दूध: ऊंट का दूध और उससे बनने वाले प्रोडक्ट्स को रूस के साथ-साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचने के लिए मार्केटिंग और एक्सपोर्ट का रास्ता साफ किया गया है।
खाद्य सुरक्षा और विज़न 2030 को मिलेगा बढ़ावा
सऊदी अरब के पर्यावरण, पानी और कृषि उप-मंत्री इंजीनियर मंसूर अल-मुशायती ने इन समझौतों पर हस्ताक्षर की निगरानी की। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ाना, सऊदी अरब की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और नई कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना है। यह पूरी योजना सऊदी विज़न 2030 के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इस कार्यक्रम में सऊदी अरब ने गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में भाग लिया था और प्रमुख रूसी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| समझौते की तारीख | 9 जून 2026 |
| कुल समझौतों की संख्या | 13 रणनीतिक समझौते |
| कुल निवेश मूल्य | 4.8 अरब सऊदी रियाल (1.28 अरब डॉलर) |
| मुख्य एक्सपोर्ट आइटम्स | सऊदी कॉफी, मछली, झींगा और ऊंट का दूध |
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब और रूस के बीच हुए इस समझौते की कुल कीमत कितनी है?
इस समझौते की कुल कीमत 4.8 अरब सऊदी रियाल यानी लगभग 1.28 अरब डॉलर है, जिसके तहत 13 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग बढ़ाना, खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और सऊदी अरब से कॉफी, मछली, झींगा और ऊंट के दूध का रूस में निर्यात शुरू करना है।
