सऊदी अरब की कंपनी SALIC ने दुनिया की मशहूर खेती-बाड़ी और ट्रेडिंग कंपनी Olam Agri में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा ली है। 27 अप्रैल 2026 को यह पूरी प्रक्रिया खत्म हुई, जिसके बाद अब इस कंपनी पर सऊदी अरब का बड़ा कंट्रोल हो गया है। इस बड़े निवेश के जरिए सऊदी अरब दुनिया भर में अनाज और खाने-पीने की चीजों की सप्लाई को और मजबूत बनाना चाहता है।
SALIC ने Olam Agri में कितनी हिस्सेदारी खरीदी और कितना पैसा लगाया?
सऊदी अरब की Public Investment Fund (PIF) के तहत आने वाली कंपनी SALIC ने Olam Agri में अपनी हिस्सेदारी 35.4% से बढ़ाकर अब 80.01% कर ली है। इस बार कंपनी ने 44.58% और हिस्सा खरीदने के लिए करीब 1.88 अरब डॉलर खर्च किए हैं। इससे पहले दिसंबर 2022 में SALIC ने 1.24 अरब डॉलर देकर इस कंपनी में 35.43% हिस्सेदारी खरीदी थी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| शुरुआती हिस्सेदारी (दिसंबर 2022) | 35.43% ($1.24 अरब) |
| नई खरीदी गई हिस्सेदारी (अप्रैल 2026) | 44.58% ($1.88 अरब) |
| कुल फाइनल हिस्सेदारी | 80.01% |
| समझौते की तारीख | 24 फरवरी 2025 |
| ERCA मंजूरी की तारीख | 16 अप्रैल 2026 |
| डील पूरी होने की तारीख | 27 अप्रैल 2026 |
इस बड़ी डील के पीछे क्या वजह है और अधिकारियों ने क्या कहा?
SALIC के ग्रुप CEO Eng. Sulaiman AlRumaih ने बताया कि इस डील का मकसद अनाज के बाजार में अपनी जगह मजबूत करना और सप्लाई चेन को बेहतर बनाना है। वहीं Olam Agri के CEO Sunny Verghese ने इसे एक बड़ा बदलाव बताया और कहा कि SALIC के साथ जुड़ने से कंपनी की ग्रोथ और तेज होगी। Olam Group के डिप्टी चेयरमैन Yap Chee Keong के मुताबिक यह कदम कंपनी के पुनर्गठन और पूंजी ढांचे को सही करने के लिए जरूरी था।
- Olam Group के पास अभी भी 19.99% हिस्सा बचा है, जिसे वह भविष्य में SALIC को बेच सकता है।
- सऊदी अरब की PIF पूरी तरह से SALIC की मालिक है, जो खेती और फूड सिक्योरिटी पर निवेश करती है।
- इस पूरी डील को सरकारी और नियामक संस्थाओं से मंजूरी मिल चुकी है।