सऊदी अरब और कतर के बीच मौजूद Salwa port इन दिनों सामान ढोने का मुख्य रास्ता बन गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में चल रहे विवाद के कारण समंदर का रास्ता बंद है। इस वजह से 13 मार्च 2026 तक पिछले 10 दिनों के भीतर 4,000 से ज्यादा ट्रकों ने यह बॉर्डर पार किया है। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अब अपना रुख ज़मीनी रास्तों की तरफ कर लिया है।

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Salwa Port पर क्या हैं नए नियम और व्यवस्था

  • कतर चैंबर और सऊदी अथॉरिटी ने ट्रांसपोर्ट कंपनियों के लिए TIR सिस्टम अनिवार्य कर दिया है।
  • जल्दी क्लीयरेंस के लिए Al-Nadeeb और Fasah जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल हो रहा है।
  • बॉर्डर पर जरूरी सामान जैसे खाना और दवाइयों के लिए फास्ट-ट्रैक लेन बनाई गई है।
  • ZATCA द्वारा कस्टम फीस सामान की कीमत का 0.15% तय की गई है, जो 15 से 500 रियाल के बीच होगी।

आम लोगों और बाजार पर इसका क्या असर होगा

खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए यह बदलाव बहुत जरूरी है। समंदर के रास्ते आने वाले सामान का इंश्योरेंस बंद होने के कारण, अब जरूरी खाने-पीने की चीजें, दवाइयां और रोजमर्रा का सामान इसी रास्ते से आ रहा है। बड़ी शिपिंग कंपनियां जैसे Maersk और MSC ने Dammam और Hamad पोर्ट की बुकिंग रोक दी है। अब सारा सामान Jeddah पोर्ट पर उतारा जा रहा है और वहां से ट्रकों के जरिए अलग-अलग देशों में पहुंच रहा है। वहीं ट्रांसपोर्ट के नियमों का उल्लंघन करने पर अथॉरिटी ने 1,60,000 रियाल तक का भारी जुर्माना भी तय किया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.