सऊदी अरब के सेंट्रल बैंक (SAMA) ने शहीदों के परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा और जरूरी फैसला लिया है. अब बैंक उनके हक के पैसों को किसी भी अदालती आदेश के जरिए जब्त नहीं कर पाएंगे. यह नियम पूरे किंगडम में लागू कर दिया गया है ताकि जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके.
शहीदों के पैसों पर कुर्की रोकने का नया नियम क्या है?
सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) ने एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है, जिसके मुताबिक अब बैंकों को शहीदों के परिवारों के सभी हकदारी वाले पैसों पर न्यायिक कुर्की (Judicial Seizure) करने से मना किया गया है. इसके तहत शहीदों के परिवारों के लिए आने वाले चेक को 100% छूट दी गई है. इसका मतलब है कि अब इन पैसों को किसी भी कानूनी वसूली या अदालती आदेश के जरिए जब्त नहीं किया जा सकेगा.
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा?
इस छूट का फायदा उठाने के लिए लाभार्थियों को कुछ जरूरी कागजात जमा करने होंगे. शहीदों के परिवार वालों को नोटरी पब्लिक (Ktabat al-Adl) से एक आधिकारिक घोषणा पत्र लेना होगा. इस दस्तावेज में यह साफ होना चाहिए कि मिलने वाले चेक उनके हकदारी के पैसे हैं. इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने एक स्टैंडर्ड फॉर्म भी तैयार किया है जिसे जमा करना जरूरी होगा.
यह फैसला क्यों लिया गया और कौन शामिल है?
यह कदम सऊदी अरब के एनफोर्समेंट कानून की धारा (21) के तहत उठाया गया है, जो कुछ खास तरह के फंड्स को कुर्की से बाहर रखने की बात करती है. इस पूरे फैसले में सऊदी सेंट्रल बैंक और न्याय मंत्रालय (Ministry of Justice) ने आपस में तालमेल बिठाया है. इस नियम का पालन सऊदी अरब में काम करने वाले सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह नियम कब से लागू हुआ है?
सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) ने यह सर्कुलर 4 मई 2026 को जारी किया था और यह उसी तारीख से लागू हो गया है.
क्या सभी बैंक इस आदेश का पालन करेंगे?
हाँ, सऊदी अरब में संचालित सभी बैंक और वित्तीय संस्थानों को इस निर्देश का पालन करना अनिवार्य है.
