सऊदी अरब में नई गाड़ियाँ खरीदने वालों के लिए एक बड़ी खबर आई है। सऊदी स्टैंडर्ड्स, मेट्रोलॉजी एंड क्वालिटी ऑर्गनाइजेशन (SASO) ने 29 कार कंपनियों के वाहनों के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला उन कंपनियों के खिलाफ लिया गया है जिन्होंने समय पर अपनी सप्लाई योजना जमा नहीं की।
क्यों लिया गया यह फैसला
SASO ने यह कदम सऊदी स्टैंडर्ड (SASO) 2864/2022 के नियमों के तहत उठाया है। यह नियम हल्के वाहनों के लिए ईंधन अर्थव्यवस्था (CAFE) मानकों से जुड़ा है। नियम के मुताबिक, कार बनाने वाली कंपनियों को अपने अगले साल के सप्लाई प्लान कम से कम तीन महीने पहले एक इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम के जरिए जमा करने होते हैं।
नियमों के अनुसार, जो कंपनियां तय समय के भीतर अपना प्लान जमा नहीं करतीं, उन्हें सऊदी अरब में गाड़ियाँ आयात करने से रोक दिया जाता है। जब तक कंपनी अपना प्लान जमा करके उसे मंजूरी नहीं दिला लेती, तब तक यह रोक लागू रहेगी।
इन कंपनियों पर पड़ा असर
इस रोक का असर उन नए हल्के वाहनों पर पड़ेगा जिनका वजन अधिकतम 3.5 टन है। प्रभावित होने वाली कंपनियों की लिस्ट लंबी है, जिसमें TATA MOTORS, Volvo Cars, McLaren, Neta, Maxus, Foton, Wuling और DFSK जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा LUXGEN, Hozon, और Brilliance जैसी कई अन्य कंपनियां भी इस प्रतिबंध की चपेट में हैं।
आगे क्या होगा
सऊदी कॉमर्स मिनिस्ट्री इस फैसले को लागू करवाने और समन्वय करने का काम कर रही है। यह रोक केवल अस्थायी है। कंपनियों के पास साल 2026 के अंत तक अपना प्लान जमा करने का मौका है। जैसे ही उनके प्लान को मंजूरी मिलेगी, उनके वाहनों का आयात फिर से शुरू हो जाएगा।