सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने मार्केटिंग और सेल्स की नौकरियों के लिए नया नियम लागू कर दिया है। अब निजी कंपनियों में इन कामों के लिए 60 प्रतिशत सऊदी नागरिकों को नौकरी देना अनिवार्य होगा। यह फैसला 19 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है और कंपनियों को दी गई छूट की समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है।
नया नियम किन कंपनियों पर लागू होगा और क्या है सैलरी की शर्त?
यह नियम उन निजी कंपनियों पर लागू होगा जिनमें मार्केटिंग और सेल्स के काम के लिए 3 या उससे ज़्यादा कर्मचारी काम करते हैं। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी सऊदी कर्मचारी को इस कोटे में गिना जाना है, तो उसकी न्यूनतम मासिक सैलरी 5,500 सऊदी रियाल होनी चाहिए।
किन 20 नौकरियों में होगा यह बदलाव?
सरकार ने मार्केटिंग और सेल्स के 20 अलग-अलग पदों को इस लिस्ट में रखा है, जिनमें मुख्य रूप से ये पेशे शामिल हैं:
- मार्केटिंग पेशे: मार्केटिंग मैनेजर, एडवरटाइजिंग एजेंट, एडवरटाइजिंग मैनेजर, ग्राफिक डिजाइनर, एडवरटाइजिंग डिजाइनर, पब्लिक रिलेशंस स्पेशलिस्ट, एडवरटाइजिंग स्पेशलिस्ट, मार्केटिंग स्पेशलिस्ट, पब्लिक रिलेशंस मैनेजर और फोटोग्राफर।
- सेल्स पेशे: सेल्स मैनेजर, रिटेल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, होलसेल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, ICT सेल्स स्पेशलिस्ट, कमर्शियल स्पेशलिस्ट और कमोडिटीज ब्रोकर।
इस फैसले का क्या असर होगा और क्या है सरकार का लक्ष्य?
मंत्रालय के मुताबिक, इस कदम का मकसद सऊदी अरब के युवाओं, महिलाओं और पुरुषों के लिए रोज़गार के बेहतर अवसर पैदा करना है। यह फैसला सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है, ताकि स्थानीय लोगों को काम पर रखकर देश की प्रतिभा को बढ़ावा दिया जा सके। कंपनियों के लिए विस्तृत गाइडलाइन्स मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, ताकि वे नियमों का पालन कर सकें और पेनल्टी से बच सकें।
