सऊदी अरब के काउंसिल ऑफ सीनियर स्कॉलर्स ने देश की सुरक्षा और सैन्य बलों की जमकर तारीफ की है। यह बयान 9 मार्च 2026 को सऊदी एयर डिफेंस द्वारा प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर आ रहे 3 बैलिस्टिक मिसाइल और 7 ड्रोन को मार गिराने के बाद आया है। किंगडम की सर्वोच्च धार्मिक संस्था ने सुरक्षा बलों द्वारा देश की रक्षा करने और हमलावरों को पीछे धकेलने के प्रयासों को सराहा है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया गया है।

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सुरक्षा स्थिति और हमले को लेकर मुख्य जानकारी

सऊदी अरब के अलग-अलग हिस्सों और विशेष रूप से अल-खर्ज में प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। सऊदी अरब की सैन्य तत्परता और सुरक्षा उपायों के बारे में नीचे दिए गए आंकड़ों से स्थिति समझी जा सकती है:

विवरण जानकारी
नाकाम किए गए हमले 3 बैलिस्टिक मिसाइल और 7 ड्रोन
मुख्य लक्ष्य Prince Sultan Air Base और अन्य क्षेत्र
घोषणा की तारीख 9 मार्च 2026
सऊदी कैबिनेट का रुख सभी जरूरी सुरक्षा उपायों को लागू करने का फैसला
तेल की कीमतें Brent Crude 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब
आरामको का कदम कच्चे तेल की सप्लाई Yanbu पोर्ट की तरफ डायवर्ट की गई

प्रवासियों और यात्रियों के लिए नई गाइडलाइन

सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वालों के लिए कुछ जरूरी अपडेट जारी किए गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपनी ट्रेवल एडवाइजरी को बढ़ाकर लेवल 3 (Reconsider Travel) कर दिया है। प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

  • अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को यमन सीमा से 20 मील के भीतर यात्रा करने से मना किया गया है।
  • Qatif क्षेत्र में भी यात्रा को लेकर सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
  • Ministry of Interior ने जनता से सोशल मीडिया पर सैन्य ऑपरेशंस के वीडियो साझा न करने की अपील की है।
  • Saudi Aramco ने सप्लाई बनाए रखने के लिए ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए 23 लाख बैरल प्रतिदिन का रूट बदला है।

सऊदी अरब में वर्तमान सुरक्षा और आर्थिक प्रभाव

सऊदी अरब की सरकार और GCC देशों ने एकजुट होकर किसी भी हमले का जवाब देने की बात कही है। ग्रैंड मुफ्ती शेख अब्दुलअज़ीज़ अल-शेख ने सुरक्षा बलों का समर्थन करना धार्मिक कर्तव्य बताया है। आर्थिक मोर्चे पर सऊदी आरामको के शेयरों में मजबूती देखी गई है और कंपनी ने रेड सी के जरिए सप्लाई रूट को सुरक्षित कर लिया है। खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों ने भी आपात बैठक बुलाकर क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की है ताकि प्रवासियों और नागरिकों के कामकाज पर कोई बड़ा असर न पड़े।