सऊदी अरब और कुवैत के बीच भाईचारे की एक बड़ी मिसाल देखने को मिल रही है. जंग के माहौल और क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब ने कुवैत के लिए अपने बॉर्डर पूरी तरह खोल दिए हैं. ताज़ा जानकारी के मुताबिक अब तक 15,000 से ज़्यादा ट्रक खाने-पीने का सामान और दवाइयां लेकर कुवैत पहुँच चुके हैं. यह सारा सामान अल-खाफजी (Khafji) बॉर्डर के रास्ते भेजा गया है ताकि कुवैत में ज़रूरी चीज़ों की कमी न हो और लोगों को राशन के लिए परेशान न होना पड़े.

बॉर्डर पर ट्रकों की आवाजाही का क्या है ताज़ा आंकड़ा?

सऊदी अरब की सरकार ने कुवैत के साथ लगने वाले अल-खाफजी बॉर्डर पर 44 लेन खोल दी हैं. ये सभी लेन 24 घंटे काम कर रही हैं ताकि सामान की आवाजाही में कोई रुकावट न आए. सऊदी और कुवैत के अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं ताकि सुरक्षा बनी रहे और व्यापार चलता रहे. सऊदी की टैक्स और कस्टम अथॉरिटी ने ट्रकों की आवाजाही का डेटा भी साझा किया है.

समय सीमा ट्रकों की संख्या डेस्टिनेशन
युद्ध की शुरुआत से अब तक 15,000 से ज़्यादा कुवैत
1 मार्च से 25 मार्च 2026 10,437 कुवैत
मार्च का कुल डेटा (सभी GCC देश) 88,109 खाड़ी देश

किन चीज़ों की हो रही है सप्लाई और क्या है कारण?

क्षेत्र में चल रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों की वजह से सप्लाई चेन पर काफी असर पड़ा था. इसी को देखते हुए सऊदी अरब ने उदारता दिखाते हुए यह कदम उठाया है ताकि कुवैत में रहने वाले नागरिकों और प्रवासियों को कोई दिक्कत न हो. बॉर्डर के रास्ते निम्नलिखित ज़रूरी सामान भेजे जा रहे हैं:

  • खाने-पीने का सामान: अनाज, फल और सब्ज़ियों की बड़ी खेप भेजी गई है.
  • मेडिकल सप्लाई: अस्पतालों के लिए ज़रूरी दवाइयां और उपकरण भेजे गए हैं.
  • कंज्यूमर गुड्स: रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीज़ों की सप्लाई जारी है.
  • ईंधन: कुवैत की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए फ्यूल की सप्लाई भी सुनिश्चित की गई है.
  • लॉजिस्टिक्स: सप्लाई चेन को मज़बूत करने के लिए परिवहन के नए नियम लागू किए गए हैं.

सऊदी अरब के इस फैसले से बॉर्डर पर भीड़ कम हुई है और व्यापार में तेज़ी आई है. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम खाड़ी देशों के बीच आपसी सहयोग और जिम्मेदारी को निभाने के लिए उठाया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में सप्लाई रुकी न रहे.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.