सऊदी अरब ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सीरिया के लिए बड़ी मेडिकल मदद भेजी है। 14 मार्च 2026 को रियाद से 17वां राहत काफिला सीरिया के लिए रवाना किया गया। यह मदद किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) के जरिए दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सीरिया के अस्पतालों और मेडिकल सेक्टर को मजबूत करना है, ताकि आम लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।

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सीरिया को भेजे गए मुख्य मेडिकल सामान

इस राहत अभियान के तहत सऊदी अरब ने सीरिया के सभी इलाकों के लिए जरूरी मेडिकल उपकरण भेजे हैं। सीरिया के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुसाब अल-अली ने दमिश्क में इस मदद को रिसीव किया। इस मदद में कई अहम चीजें शामिल हैं:

  • एंबुलेंस: इमरजेंसी के लिए 10 आधुनिक एंबुलेंस दी गई हैं।
  • जनरेटर: बिजली की कमी का सामना कर रहे अस्पतालों के लिए 30 बड़े इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर भेजे गए हैं।
  • दवाइयां: थैलेसीमिया के मरीजों के लिए पूरे एक साल की दवा दी गई है।
  • किडनी इलाज: किडनी डायलिसिस के लिए जरूरी मशीनें और अन्य सामान शामिल हैं।
  • मेंटेनेंस का सामान: अस्पतालों की मरम्मत के लिए भारी मशीनरी और स्पेयर पार्ट्स भेजे गए हैं।

मदद का मुख्य उद्देश्य और नियम

KSrelief के अधिकारी डॉ. सलाह अल-मजरौ की देखरेख में यह काफिला भेजा गया। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि यह मदद अब सिर्फ फौरी राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि अर्ली रिकवरी रणनीति का हिस्सा है। इसका मतलब है कि लोकल कम्युनिटी और मेडिकल स्टाफ को खुद काम करने के लिए सशक्त बनाया जा रहा है।

सऊदी और सीरियाई अधिकारियों ने समान स्वास्थ्य सुविधा के नियम पर जोर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि यह मदद सीरिया के सभी इलाकों में बिना किसी भेदभाव के पहुंचाई जाएगी। सऊदी अरब ने यह साफ किया है कि उनकी मानवीय मदद किसी भी राजनीतिक या सैन्य हालात पर निर्भर नहीं करती है और यह बिना किसी सीमा के जारी रहेगी।

अमल प्रोग्राम और रिफ्यूजी सपोर्ट

मेडिकल सामान के अलावा सऊदी अरब का अमल प्रोग्राम भी सीरिया में काम कर रहा है। इस वॉलंटियर प्रोग्राम के तहत 3000 से ज्यादा सऊदी मेडिकल प्रोफेशनल्स सीरियाई अस्पतालों में काम करने और वहां के लोकल स्टाफ को ट्रेनिंग देने के लिए रजिस्टर कर चुके हैं।

दूसरी तरफ जॉर्डन के जतारी कैंप में भी KSrelief के क्लीनिक लगातार काम कर रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में यहां 6800 से ज्यादा सीरियाई मरीजों का इलाज किया गया है। इनमें दांत, दिल और रिहैबिलिटेशन से जुड़ी सुविधाएं दी जा रही हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.