सऊदी अरब के रियाद में एक बहुत बड़ा मेडिकल चमत्कार हुआ है। यहाँ के डॉक्टरों ने फिलीपींस की उन जुड़वा बच्चियों को अलग कर दिया है, जिनका केस पूरी दुनिया में सबसे पेचीदा माना जा रहा था। ऑपरेशन के एक हफ्ते बाद अब कليا और मौरिस एन की सेहत में सुधार है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस ऑपरेशन में कितनी मुश्किलें थीं और कैसे हुआ इलाज
यह ऑपरेशन रियाद के किंग अब्दुल्ला स्पेशलिस्ट चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में किया गया। डॉक्टर अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ अल रबीया ने बताया कि बच्चियों के सिरों की स्थिति बहुत जटिल थी और उनके दिमाग की नसें आपस में जुड़ी हुई थीं। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बच्ची कليا के दिल और किडनी में गंभीर समस्या थी, जिससे सर्जरी का जोखिम 50 प्रतिशत तक था और गंभीर विकलांगता का खतरा 60 प्रतिशत तक था। करीब 18.5 घंटे चले इस ऑपरेशन में 30 बड़े विशेषज्ञों, नर्सों और तकनीकी टीम ने काम किया।
सऊदी प्रोग्राम की बड़ी उपलब्धि और जरूरी तारीखें
यह सऊदी प्रोग्राम फॉर कॉनजॉइन्ड ट्विन्स के तहत किया गया 70वां ऑपरेशन था और फिलीपींस से आई तीसरी ऐसी जोड़ी थी। बच्चियाँ 17 मई 2025 को सऊदी अरब पहुँची थीं। उनका ऑपरेशन 23 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ और 24 अप्रैल को पूरा हुआ। किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों पर इस पूरी प्रक्रिया का खर्च और इलाज मुहैया कराया गया। बच्चियों के परिवार ने सऊदी नेतृत्व और मेडिकल टीम के प्रति अपना आभार जताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
फिलीपींस की जुड़वा बच्चियों की अभी क्या स्थिति है
30 अप्रैल 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, सफल ऑपरेशन के एक हफ्ते बाद कليا और मौरिस एन की हालत अब पूरी तरह स्थिर है।
इस सर्जरी में कौन से मुख्य डॉक्टर और टीम शामिल थे
इस पूरी टीम का नेतृत्व डॉक्टर अब्दुल्ला अल रबीया ने किया और बच्चों के न्यूरोसर्जरी का काम डॉक्टर मुतasem अल-जुबी के नेतृत्व में हुआ, जिसमें कुल 30 विशेषज्ञ शामिल थे।