सऊदी अरब ने समुद्र के पानी को पीने लायक बनाने की तकनीक में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है. यहां के Shuaiba-5 प्लांट ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है. इस प्लांट ने बहुत कम बिजली का इस्तेमाल करके पानी बनाने में सफलता पाई है, जिससे अब आम लोगों के लिए पानी की सप्लाई और बेहतर हो जाएगी.

Shuaiba-5 प्लांट ने ऐसा क्या खास काम किया है?

इस सिस्टम ने अपनी काम करने की क्षमता को 11% तक बढ़ा दिया है. अब यह प्लांट रोजाना 6 लाख क्यूबिक मीटर के बजाय 6 लाख 65 हजार क्यूबिक मीटर पानी तैयार कर रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार को कोई अलग से अतिरिक्त खर्चा नहीं करना पड़ा.

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और पर्यावरण पर क्या असर होगा?

Shuaiba-5 को दुनिया में सबसे कम बिजली इस्तेमाल करने वाले रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) सिस्टम के लिए यह अवॉर्ड मिला है. यह प्लांट केवल 1.7 किलोवाट-घंटे प्रति क्यूबिक मीटर बिजली पर काम करता है. इस तकनीक से हर साल 20 लाख टन से ज्यादा कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जो सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों में शामिल है.

आम लोगों और मक्का क्षेत्र को इससे क्या फायदा होगा?

इस उपलब्धि से मक्का इलाके में पानी की सप्लाई और ज्यादा भरोसेमंद हो जाएगी. खासतौर पर रमजान और हज के सीजन में जब भारी भीड़ होती है, तब पानी की किल्लत नहीं होगी. वर्ल्ड बैंक ने भी इस प्रोजेक्ट की तारीफ की है और इसे बिजली बचाने का एक बेहतरीन मॉडल बताया है.

विवरण जानकारी
प्लांट का नाम Shuaiba-5
क्षमता में बढ़ोतरी 11%
नया उत्पादन 6,65,000 क्यूबिक मीटर प्रतिदिन
बिजली की खपत 1.7 kWh प्रति क्यूबिक मीटर
कार्बन की कमी 20 लाख टन सालाना से ज्यादा
मुख्य संस्था Saudi Water Authority (SWA)
पुरस्कार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशियन वॉटर अवार्ड्स 2025
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com