सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों और स्थानीय कर्मचारियों के लिए बीमारी की छुट्टी (Sick Leave) को लेकर बेहद जरूरी जानकारी सामने आई है। सऊदी मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) के नियमों के अनुसार, कर्मचारियों को एक साल में 120 दिनों की बीमारी की छुट्टी मिल सकती है। हालांकि, इन छुट्टियों को मंजूर कराने और इस दौरान मिलने वाली सैलरी के लिए कुछ खास नियम तय किए गए हैं। अगर आप भी सऊदी में नौकरी करते हैं, तो आपको इन नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर आपको किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

सऊदी श्रम कानून के तहत बीमारी की छुट्टी और सैलरी का क्या है नियम?

सऊदी लेबर लॉ के आर्टिकल 117 के तहत, हर कर्मचारी को एक सर्विस ईयर में कुल 120 दिनों की बीमारी की छुट्टी लेने का अधिकार है। इसके भुगतान को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है:

  • शुरुआती 30 दिन: बीमारी की छुट्टी के पहले 30 दिनों के दौरान कर्मचारी को पूरी सैलरी (Full Pay) दी जाएगी।
  • अगले 60 दिन: इसके बाद के 60 दिनों की छुट्टी पर कर्मचारी को मूल वेतन (Basic Salary) का 75 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।
  • आखिरी 30 दिन: अंतिम 30 दिनों की बीमारी की छुट्टी पूरी तरह से बिना वेतन की होगी।

मंत्रालय ने साफ किया है कि कोई भी नियोक्ता कर्मचारी की बीमारी साबित होने पर छुट्टी देने से इनकार नहीं कर सकता है। साथ ही, जब तक कर्मचारी अपनी पूरी 120 दिनों की बीमारी की छुट्टी का इस्तेमाल नहीं कर लेता, तब तक नियोक्ता उसे नौकरी से नहीं हटा सकता है।

छुट्टी की अवधि के हिसाब से किस डॉक्टर से लेनी होगी मंजूरी?

सऊदी अरब में बीमारी की छुट्टी की अवधि के आधार पर मंजूरी देने वाले डॉक्टरों और मेडिकल अथॉरिटी के अधिकार तय किए गए हैं:

  • 1 दिन की छुट्टी: किसी भी सरकारी डिस्पेंसरी या हेल्थ सेंटर का डॉक्टर 1 दिन की छुट्टी दे सकता है, जिसे 1 और दिन के लिए बढ़ाया जा सकता है।
  • सालाना 7 दिन तक की छुट्टी: मान्यता प्राप्त क्लिनिक का डॉक्टर एक बार में एक दिन की छुट्टी दे सकता है, बशर्ते पूरे साल में यह कुल 7 दिनों से ज्यादा न हो।
  • 6 दिन तक की छुट्टी (सर्जरी के मामले में): सर्जरी होने पर डॉक्टर 3 दिन की छुट्टी दे सकता है, जिसे हॉस्पिटल डायरेक्टर की मंजूरी से और 3 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है।
  • 8 दिन तक की छुट्टी: इसके लिए दो डॉक्टरों की सिफारिश जरूरी है, जिनमें से एक कंसलटेंट होना चाहिए और हॉस्पिटल डायरेक्टर की मंजूरी जरूरी है।
  • 8 से 30 दिन की छुट्टी: इसके लिए तीन डॉक्टरों की सिफारिश जरूरी है, जिनमें से एक कंसलटेंट होना चाहिए और हॉस्पिटल डायरेक्टर की मंजूरी भी अनिवार्य है।
  • 30 दिन से ज्यादा की छुट्टी: ऐसी स्थिति में मामले को स्वास्थ्य मंत्रालय (MOH) की मेडिकल कमेटी या सक्षम मेडिकल अथॉरिटी के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

क्या बीमारी की छुट्टी के साथ सालाना छुट्टी जोड़ी जा सकती है?

हां, कर्मचारी अपने नियोक्ता की मंजूरी से बीमारी की छुट्टी को सालाना छुट्टी के साथ जोड़ सकते हैं। नियम के मुताबिक, अगर आपकी बीमारी की छुट्टी आपकी सालाना छुट्टी के दौरान आ जाती है, तो सालाना छुट्टी को कुछ समय के लिए रोक दिया जाता है। बीमारी की छुट्टी खत्म होने के बाद ही सालाना छुट्टी दोबारा शुरू मानी जाएगी। वहीं, प्रोबेशन पीरियड (परख अवधि) के दौरान छुट्टी लेने पर प्रोबेशन की अवधि को उतने ही दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया जाता है जितने दिन कर्मचारी छुट्टी पर रहा है। इसके लिए अधिकृत मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य है जिसे नियोक्ता वेरिफाई कर सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या सऊदी में बीमारी की छुट्टी के दौरान कंपनी नौकरी से निकाल सकती है?

नहीं, सऊदी श्रम कानून के अनुसार नियोक्ता किसी भी कर्मचारी को उसकी बीमारी की छुट्टी की पूरी हकदार अवधि (120 दिन) खत्म होने से पहले नौकरी से बर्खास्त नहीं कर सकता है।

बीमारी की छुट्टी के लिए सैलरी का क्या हिसाब-किताब होता है?

सऊदी अरब में बीमारी की छुट्टी के दौरान पहले 30 दिनों के लिए 100% सैलरी मिलती है, अगले 60 दिनों के लिए बेसिक सैलरी का 75% हिस्सा मिलता है, और आखिरी 30 दिनों के लिए कोई सैलरी नहीं दी जाती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.