सऊदी अरब ने उठाया बड़ा कदम, भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्लोबल इंफॉर्मेशन-शेयरिंग समझौते पर किए हस्ताक्षर

सऊदी अरब ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश के भ्रष्टाचार विरोधी प्राधिकरण Nazaha ने दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के लिए एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य देशों के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करना और डेटा का आदान-प्रदान तेज व सुरक्षित बनाना है।
ग्लोबल नेटवर्क के साथ हुई अहम डील
विएना में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित GlobE Network की सातवीं पूर्ण बैठक के दौरान Nazaha के अध्यक्ष Mazin Al-Kahmous ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस कार्यक्रम में दुनिया भर के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। इस नई व्यवस्था से भ्रष्टाचार के मामलों का पता लगाने, उनकी जांच करने, अपराधियों पर मुकदमा चलाने और चुराई गई संपत्ति को वापस लाने में बहुत आसानी होगी।
सऊदी अरब की पुरानी भूमिका
सऊदी अरब ने साल 2020 में अपनी G20 अध्यक्षता के दौरान ही इस तरह के वैश्विक मंच को बनाने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र के समर्थन से 3 जून 2021 को इस नेटवर्क की आधिकारिक शुरुआत की गई थी। उस समय संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने भी सऊदी अरब के इस प्रयास की बहुत तारीफ की थी। वर्तमान में इस नेटवर्क में 137 देशों के कुल 252 कानून प्रवर्तन प्राधिकरण शामिल हैं और इसके साथ 16 से ज्यादा ऑब्जर्वर संगठन भी जुड़े हुए हैं।
नेतृत्व और भविष्य की योजनाएं
सऊदी अरब इस संगठन में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। फरवरी 2025 में Nazaha के अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों के उपाध्यक्ष Dr. Nasser Abaalkhail को सर्वसम्मति से इस नेटवर्क का अध्यक्ष चुना गया था। सऊदी अरब साल 2025 से 2027 के कार्यकाल के लिए इस वैश्विक संगठन की अध्यक्षता कर रहा है। देश के शीर्ष नेतृत्व यानी किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की तरफ से इन सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पहलों को लगातार समर्थन मिल रहा है, जिससे देश में पारदर्शिता और न्याय व्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है।