सऊदी अरब में सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है जो इंटरनेट पर ऐसी बातें फैला रहे हैं जिससे देश की एकता और शांति को खतरा हो। यह नियम वहां रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर भी लागू है, इसलिए पोस्ट डालने से पहले सावधानी जरूरी है।

सोशल मीडिया पर किन बातों से बचनें की जरूरत है?

General Authority of Media Regulation (GAMR) ने सोशल मीडिया के लिए कड़े नियम बनाए हैं। ये नियम वहां रहने वाले नागरिकों के साथ-साथ प्रवासियों और मेहमानों पर भी लागू होते हैं। इसके तहत इन कामों पर पाबंदी है:

  • सोशल मीडिया पर अभद्र या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना।
  • अपनी अमीरी या महंगे सामान का दिखावा करना।
  • शालीन कपड़ों के नियमों का उल्लंघन करना।
  • परिवार के आपसी झगड़ों या निजी मामलों को सार्वजनिक करना।
  • गलत जानकारी फैलाना या किसी को ब्लैकमेल करना।
  • कबीलाई या sectarian भेदभाव वाली बातें लिखना जिससे समाज की शांति बिगड़े।

जेल और जुर्माने का कितना है खतरा?

सऊदी अरब के Anti-Cybercrime Law के अनुच्छेद 6 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन ऐसा कंटेंट डालता है जिससे सार्वजनिक व्यवस्था, धार्मिक मूल्यों या निजी जीवन को नुकसान पहुंचे, तो उसे कड़ी सजा मिल सकती है। इस कानून के तहत 5 साल तक की जेल और 30 लाख रियाल (SR 3 million) तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, जो लोग सोशल मीडिया पर विज्ञापन के जरिए पैसा कमाते हैं, उनके लिए ‘Mawthooq permit’ लेना जरूरी है। बिना इस परमिट के काम करने पर 50 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।

सरकारी विभाग और अधिकारियों का क्या कहना है?

Ministry of Interior ने बुधवार को बताया कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि देश की सुरक्षा और एकता बनी रहे। मंत्रालय ने साफ किया है कि समाज में फूट डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीडिया मंत्री Salman Al Dossary ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी सामग्री को शेयर न करें जो समाज में नफरत फैलाती हो। उन्होंने कहा कि अगर लोग ऐसी चीजों को नजरअंदाज करेंगे, तो वे अपने आप खत्म हो जाएंगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ये नियम भारतियों और अन्य प्रवासियों पर भी लागू हैं?

हां, GAMR के नए नियमों के अनुसार ये निर्देश सऊदी अरब में रहने वाले सभी नागरिकों, प्रवासियों और पर्यटकों पर समान रूप से लागू होते हैं।

Mawthooq permit क्या है और यह क्यों जरूरी है?

यह परमिट उन व्यक्तियों के लिए जरूरी है जो सोशल मीडिया पर विज्ञापन या प्रमोशन के जरिए पैसा कमाते हैं। बिना इसके काम करने पर भारी जुर्माना लग सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com