सऊदी अरब में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले एक व्यक्ति को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। एक ऑनलाइन ऑडियो चर्चा के दौरान किसी मित्र अरब देश के खिलाफ गलत बातें कहने के आरोप में उसे पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के पास भेज दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

जनरल अथॉरिटी ऑफ मीडिया रेगुलेशन ने 6 जून 2026 को इस आपत्तिजनक सामग्री का पता लगाया था। जांच में पाया गया कि यह कंटेंट डिजिटल और मीडिया नियमों का उल्लंघन करता है। इसके बाद सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं और 11-12 जून 2026 को इस मामले को पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को सौंपने की घोषणा की गई। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी की जा रही है और नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

सऊदी अरब का एंटी-साइबरक्राइम कानून

सऊदी अरब में इंटरनेट और सोशल मीडिया के लिए बहुत कड़े नियम हैं। एंटी-साइबरक्राइम कानून की धारा 6 के तहत, किसी भी मित्र या भाईचारे वाले देश, उनके नेताओं या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करना अपराध माना जाता है। इसके अलावा, ऐसी कोई भी सामग्री जो सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचाती है, उस पर पूरी तरह रोक है।

अधिकारियों का बयान

मीडिया मंत्री सलमान अल-दोसरी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मित्र देशों के नेताओं का अपमान करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे एक रेड लाइन बताया और कहा कि यह सऊदी अरब के मूल्यों, संस्कृति और कानूनों के खिलाफ है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस तरह के आचरण के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.